कांगड़ा।
जहाँ आज के दौर में अधिकांश विद्यार्थी अपना कीमती समय सोशल मीडिया और मोबाइल गेमिंग में गंवा देते हैं, वहीं हिमाचल प्रदेश की एक बेटी ने मोबाइल से दूरी बनाकर सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) द्वारा घोषित 10वीं के परीक्षा परिणाम में एवीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल पाहड़ा की छात्रा अनमोल ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
700 में से 699 अंक: मात्र एक अंक की रही कमी
अनमोल की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 700 में से 699 अंक (99.86%) प्राप्त किए हैं। 1 जनवरी 2011 को जन्मी अनमोल के घर में पढ़ाई का शुरू से ही बेहतर माहौल रहा है।
उनके पिता रोहित कुमार शिक्षक हैं और माता प्रियंका, जो पहले शिक्षिका थीं, ने अपनी बेटी की पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। अनमोल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे स्कूल प्रबंधन में जश्न का माहौल है।
सफलता का मंत्र: 5 घंटे पढ़ाई और मोबाइल से 'नो'
अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अनमोल ने मोबाइल से बनाई गई अपनी दूरी को दिया है। अनमोल का मानना है कि आधुनिक युग में मोबाइल सबसे बड़ा भटकाव है, इसलिए उन्होंने परीक्षा की तैयारी के दौरान स्मार्टफोन से पूरी तरह दूरी बनाए रखी।
उनकी सफलता के दो मुख्य स्तंभ रहे रोजाना बिना नागा 5 घंटे से अधिक गहन अध्ययन करना। अनमोल के अनुसार, जब भी उन्हें किसी विषय में उलझन हुई, स्कूल के शिक्षकों ने उन्हें गाइड किया, जिससे कठिन विषय भी आसान हो गए।
भविष्य का लक्ष्य: शिक्षक बनकर देश को संवारना
अपनी सफलता से गौरवांवित महसूस कर रही अनमोल का सपना अब शिक्षा के क्षेत्र में ही आगे बढ़ने का है। वह भविष्य में एक आदर्श शिक्षक बनकर समाज को शिक्षित करना चाहती हैं।
स्कूल प्रबंधन ने अनमोल का भव्य स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। अनमोल की यह कहानी प्रदेश के उन हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है जो तकनीक के जाल में फंसकर अपने लक्ष्यों से भटक जाते हैं।