किन्नौर।
आध्यात्मिक गुरु परम पावन दलाई लामा के 90वें जन्मदिवस को विश्वभर में “अंतरराष्ट्रीय करुणा वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए आगामी 20 मई को धर्मशाला में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें हिमालयन क्षेत्र के विभिन्न जिलों और बौद्ध संगठनों के प्रतिनिधि भारी संख्या में जुटेंगे।
तैयारियों के लिए रिकांगपिओ में अहम बैठक
इस विशाल आयोजन की रूपरेखा तय करने और तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए 12 मई को लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह, रिकांगपिओ में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में किन्नौर सहित अन्य हिमालयी क्षेत्रों के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल होकर उत्सव की सफलता की रणनीति बनाएंगे।
मानवता और शांति का संदेश
किन्नौर महाबोधि सोसाइटी के सचिव भगत सिंह किन्नर ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य दलाई लामा के करुणा, अहिंसा, शांति और वैश्विक बंधुत्व के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में उनके विचार पूरी मानवता के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं, और यह वर्ष उनकी शिक्षाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक जरिया बनेगा।
सहयोग की अपील
समाजसेवी और धार्मिक संस्थाओं से इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है। सचिव ने सभी संबंधित संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों से 12 मई की बैठक में उपस्थित होने का आग्रह किया है ताकि धर्मशाला में होने वाले इस मुख्य कार्यक्रम को भव्य और सफल बनाया जा सके।