सोलन।
हिमाचल प्रदेश को प्रदूषण मुक्त और हरित राज्य बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) के बेड़े में जल्द ही इलेक्ट्रिक बसों (E-Buses) की बड़ी खेप शामिल होने जा रही है।
इसी कड़ी में पहले चरण के तहत 25 नई ई-बसें सोलन पहुँच चुकी हैं, जिन्हें वर्तमान में पार्किंग में रखा गया है। इन बसों का परिचालन ट्रायल प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद ही शुरू किया जाएगा।
प्रदेश के चार जिलों में चल रहा है ट्रायल
परिवहन निगम ने पहले चरण में 10 बसों का ट्रायल शुरू किया था। सोलन के अलावा हमीरपुर, कांगड़ा और राजधानी शिमला के विभिन्न रूटों पर इन बसों की क्षमता और तकनीकी दक्षता जांची जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ी रास्तों की चुनौतियों को देखते हुए इन बसों के प्रदर्शन का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिल सके।
ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक से खरीदी जा रही हैं 297 बसें
ये आधुनिक ई-बसें ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक (Olectra Greentech) कंपनी से खरीदी जा रही हैं। सरकार ने कुल 297 ई-बसों का ऑर्डर दिया है। कंपनी द्वारा तकनीकी सुधारों के बाद इन बसों को दोबारा ट्रायल के लिए भेजा गया है। जैसे-जैसे ट्रायल सफल होते जाएंगे, वैसे-वैसे इन बसों की डिलीवरी ली जाएगी और इन्हें प्रदेश के विभिन्न डिपो में तैनात किया जाएगा।
तकनीकी जांच पर निगम का सख्त रुख
HRTC के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने स्पष्ट किया है कि बसों की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रायल के दौरान बसों की बैटरी बैकअप, ब्रेकिंग सिस्टम और चढ़ाई पर प्रदर्शन की गहन जांच की जा रही है। केवल वही बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी, जो हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों के मानकों पर पूरी तरह खरी उतरेंगी।
पर्यावरण और जेब दोनों को मिलेगी राहत
इन ई-बसों के चलने से न केवल कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, बल्कि डीजल के बढ़ते खर्चों से जूझ रहे निगम को भी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। ट्रायल सफल होने पर प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों को भी इन बस सेवाओं से जोड़ा जाएगा।
सरकार का लक्ष्य आगामी कुछ वर्षों में HRTC के पूरे बेड़े को इलेक्ट्रिक में बदलने का है, जिससे हिमाचल देश का पहला 'ग्रीन ट्रांसपोर्ट स्टेट' बन सके।