कांगड़ा।
चंडीगढ़-धर्मशाला नेशनल हाईवे पर समेला रेलवे क्रॉसिंग के पास बीती रात एक भयानक हादसा होने से बाल-बाल बच गया। नंगल डिपो की एक पंजाब रोडवेज बस जब चंडीगढ़ से धर्मशाला की ओर आ रही थी, तभी अचानक रेलवे पुल के नीचे बस का पिछला टायर हब (Hub) समेत निकलकर बाहर आ गया।
गनीमत यह रही कि मोड़ पर बस की रफ्तार कम थी और चालक ने तुरंत ब्रेक लगाकर बस को गहरी खाई में गिरने से बचा लिया। हादसे के वक्त बस में करीब 12 सवारियां मौजूद थीं, जो पूरी तरह सुरक्षित हैं।
सड़क के बीचों-बीच फंसी बस, लगा 2 किमी लंबा जाम
टायर निकलने के बाद बस बीच सड़क पर ही तिरछी होकर रुक गई, जिससे नेशनल हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। रात का समय होने के कारण यात्रियों और अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बस को धकेलकर सड़क के एक किनारे करने का प्रयास किया गया ताकि यातायात को आंशिक रूप से बहाल किया जा सके। इस दौरान करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया था।
NHAI की हाइड्रा मशीन से हटाई गई बस
पूरी रात बस चालक और परिचालक यातायात व्यवस्था को सुचारू करने में जुटे रहे। सुबह होते ही परिचालक ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से संपर्क कर मदद मांगी।
इसके बाद NHAI ने मौके पर हाइड्रा मशीन भेजी, जिसकी मदद से खराब बस को सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। सुबह करीब 10 बजे के बाद ही मार्ग पर यातायात पूरी तरह सामान्य हो सका। चालक की सूझबूझ की सराहना की जा रही है, जिसने समय रहते बस को नियंत्रित कर लिया।
खस्ताहाल बसों के रखरखाव पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी बसों की तकनीकी स्थिति और उनके नियमित रखरखाव पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि यह हादसा किसी ढलान या तेज रफ्तार वाले मोड़ पर होता, तो बस सीधे खाई में गिर सकती थी और भारी जान-माल का नुकसान हो सकता था।
लोगों ने मांग की है कि लंबी दूरी के रूटों पर भेजने से पहले बसों की मैकेनिकल जांच अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे तकनीकी फेलियर के कारण यात्रियों की जान जोखिम में न पड़े।