शिमला I
नशा तस्करों के खिलाफ छेड़ी गई 'जीरो टॉलरेंस' मुहिम के तहत शिमला पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। बालूगंज पुलिस टीम ने चिट्टा तस्करी के बैकवर्ड लिंकेज (Backward Linkage) खंगालते हुए बिहार के भोजपुर जिले से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मनी ट्रेल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की गई है।
जिला शिमला के एएसपी (ASP) अभिषेक ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई थाना बालूगंज में दर्ज मुकदमा नंबर 27/26 के तहत की गई है। पुलिस ने सबसे पहले चौपाल निवासी अविनाश चौहान को 6.7 ग्राम चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया था।
जांच के दौरान आरोपी अविनाश के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स को खंगाला गया। इसमें पाया गया कि अविनाश शिमला से बिहार निवासी विशाल और उसके साथियों के खातों में नियमित रूप से पैसे ट्रांसफर कर रहा था।
मनी ट्रेल के पुख्ता सबूत मिलने के बाद शिमला पुलिस की एक टीम बिहार भेजी गई। 24 अप्रैल 2026 को भोजपुर जिले के हरदुआ गांव में छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया विशाल यादव (20 वर्ष), जय प्रकाश (27 वर्ष)। दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर शिमला लाया गया है, जहाँ उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी विशाल के बैंक खातों में पिछले महज 5 महीनों के भीतर लगभग 40 लाख रुपये का लेन-देन हुआ है। इन खातों से रोजाना नकदी निकाली जा रही थी, जो संकेत देता है कि यह गिरोह बड़े स्तर पर अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क संचालित कर रहा था।
एएसपी अभिषेक ने बताया कि शिमला पुलिस सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इस वर्ष अब तक की गई कार्रवाई के मुख्य बिंदु कुल मामले 111 (NDPS एक्ट के तहत), कुल गिरफ्तारियां 235 आरोपी, सप्लाई चेन तोड़ने के लिए पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, केरल और भारत-नेपाल बॉर्डर से 30 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार। 35 आदतन अपराधियों को PITNDPS के तहत जेल भेजा गया है।