शिमला। जिला शिमला पुलिस ने सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के सामने हुई मनीषा मित्तल की सनसनीखेज हत्या का खुलासा करते हुए महज 39 घंटे के भीतर दो पेशेवर शूटरों को हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त दोनों पिस्तौल भी बरामद कर ली हैं।
पुलिस के अनुसार, 13 जून 2026 की शाम सूचना मिली थी कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के सामने दो अज्ञात हमलावरों ने मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक जांच शुरू कर दी।
घटनास्थल का निरीक्षण वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं किया, जबकि फोरेंसिक टीम ने मौके से भौतिक और जैविक साक्ष्य एकत्रित किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिमला पुलिस ने कई विशेष जांच टीमें गठित कीं, जिन्हें हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा हरियाणा सहित अन्य राज्यों में भी रवाना किया गया।
जांच के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक डाटा, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी हरियाणा से एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार में शिमला पहुंचे थे। अपनी पहचान छिपाने और पुलिस की निगरानी से बचने के लिए उन्होंने हरियाणा नंबर की गाड़ी पर हिमाचल प्रदेश की फर्जी एचपी-10 सीरीज की नंबर प्लेट लगा रखी थी। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने वाहन की वास्तविक पहचान स्थापित कर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
विशेष अभियान चलाते हुए शिमला पुलिस ने हरियाणा के रोहतक से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय आशीष अहलावत पुत्र सुरेंद्र सिंह निवासी ग्राम दुजाना, जिला झज्जर और 25 वर्षीय दीपक पुत्र सुरेंद्र सिंह निवासी सुनारिया खुर्द, जिला रोहतक के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, आशीष अहलावत के खिलाफ पहले से ही रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में धारा 308 बीएनएस के तहत मामला दर्ज है। वहीं दीपक के खिलाफ चार मामले दर्ज हैं, जिनमें दो आर्म्स एक्ट, एक मारपीट और एक धारा 308 बीएनएस का मामला शामिल है।
शिमला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई, अंतरराज्यीय समन्वय, खुफिया तंत्र और वैज्ञानिक जांच के जरिए 40 घंटे के भीतर इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड का खुलासा करने में सफलता हासिल की है। पुलिस अब मामले में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रही है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल जारी है।