गंज स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में भजन-कीर्तन से भक्तिरस में डूबी पहाड़ों की रानी, 19 सितंबर को राधाष्टमी पर होगा आयोजन का समापन
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर गंज स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही कान्हा के दर्शनों के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन की स्वरलहरियों से पूरी पहाड़ों की रानी भक्तिरस में डूबी नजर आई।
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर मंदिर में मध्य रात्रि विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं के लिए महिला और पुरुषों की अलग-अलग कतारें बनाई गईं, जबकि भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए मंदिर सभा के सेवादार और पदाधिकारी व्यवस्था संभालते रहे।
मंदिर धर्म सभा के प्रचार मंत्री सुमन पॉल दत्ता ने बताया कि सभा पिछले 137 वर्षों से जन्माष्टमी का पर्व बड़ी श्रद्धा, आस्था और प्रेम के साथ मनाती आ रही है। इस वर्ष 1 सितंबर को हवन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें देवी-देवताओं का आह्वान किया गया। इसके बाद 2 सितंबर को शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
उन्होंने बताया कि 3, 4 और 5 सितंबर को मंदिर में सुबह 7 बजे से रात 12 बजे तक भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए पंजाब, कोठा, यमुनानगर और बिलासपुर से महात्माओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। जन्माष्टमी के दिन सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते रहे।
प्रसाद वितरण की भी विशेष व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार प्रसाद वितरण की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। रात्रि में प्रसाद पैकेट के रूप में वितरित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को आसानी से प्रसाद मिल सके और मंदिर परिसर में भीड़ को व्यवस्थित रखा जा सके।
आयोजन के तहत 6 सितंबर को नंदोत्सव और 56 भोग का भंडारा आयोजित किया जाएगा। जन्माष्टमी से शुरू हुआ यह धार्मिक उत्सव 19 सितंबर को राधाष्टमी के पावन पर्व पर संपन्न होगा। मंदिर में चल रहे भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों के चलते श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
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