हर विकास खंड में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन से मौसम की होगी निगरानी, फसल नुकसान और बीमा दावों के आकलन में मिलेगी मदद
बिलासपुर जिले में मौसम और बारिश से संबंधित सटीक आंकड़े जुटाने के लिए पंचायत स्तर तक आधुनिक तकनीक का नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। इसके तहत जिले की सभी 176 ग्राम पंचायतों में ऑटोमेटिक रेन गेज लगाए जाएंगे, जबकि प्रत्येक विकास खंड स्तर पर ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
इससे स्थानीय स्तर पर होने वाली वास्तविक बारिश और मौसम की स्थिति का सटीक रिकॉर्ड उपलब्ध हो सकेगा।
प्रशासन की इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। नई व्यवस्था के तहत पंचायत स्तर पर वर्षा समेत अन्य मौसम संबंधी आंकड़ों के व्यवस्थित और वैज्ञानिक संग्रहण की व्यवस्था मजबूत होगी। इससे जिला ही नहीं, बल्कि प्रदेशभर में स्थानीय स्तर पर मौसम की अधिक सटीक जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
ऑटोमेटिक रेन गेज स्थापित होने के बाद किसी क्षेत्र में अतिवृष्टि, भारी बारिश या अन्य मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण फसलों को नुकसान होने की स्थिति में स्थानीय मौसम के आधिकारिक आंकड़े नुकसान के आकलन का महत्वपूर्ण आधार बन सकेंगे।
अधिकारियों के अनुसार इससे केवल जिला मुख्यालय या सीमित मौसम केंद्रों से मिलने वाले आंकड़ों पर निर्भरता कम होगी और पंचायत स्तर तक वास्तविक बारिश की जानकारी उपलब्ध होगी।
ऑटोमेटिक रेन गेज और ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन से मिलने वाले आंकड़े फसल बीमा योजना के तहत फसल नुकसान के आकलन और बीमा दावों के सत्यापन में महत्वपूर्ण साबित होंगे। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध आधिकारिक मौसम आंकड़ों से यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित क्षेत्र में कितनी बारिश हुई और उस दौरान मौसम की वास्तविक स्थिति क्या रही।
इससे फसल बीमा दावों के निपटारे में पारदर्शिता बढ़ेगी और पात्र किसानों को समय पर बीमा लाभ दिलाने में आसानी होगी। विंड्स योजना के तहत ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और ऑटोमेटिक रेन गेज का नेटवर्क मजबूत किया जा रहा है।
स्थानीय मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध होने से किसानों को समय पर कृषि संबंधी सलाह देने में भी मदद मिलेगी। मौसम पूर्वानुमान और स्थानीय आंकड़ों के आधार पर किसान बुआई, सिंचाई और फसल सुरक्षा से जुड़े फैसले अधिक प्रभावी ढंग से ले सकेंगे। इससे मौसम में होने वाले अचानक बदलावों से फसलों को होने वाले नुकसान को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
क्या होता है ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन?
ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन एक स्वचालित मौसम निगरानी प्रणाली है, जिसमें विभिन्न सेंसर के माध्यम से मौसम से जुड़े आंकड़े दर्ज किए जाते हैं। इसमें तापमान, आर्द्रता, वर्षा, हवा की गति और दिशा समेत कई मौसम संबंधी मानकों की जानकारी मिलती है। वहीं, ऑटोमेटिक रेन गेज किसी निश्चित क्षेत्र में होने वाली बारिश की मात्रा को स्वचालित रूप से रिकॉर्ड करता है।
योजना के तहत अधिकारियों को उपकरण स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने और आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्य में कृषि विभाग, खंड विकास अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि आपसी समन्वय से काम करेंगे।
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