सेईकोठी पंचायत में अनियमितता पर 90 दिन की कार्रवाई, ग्राम रोजगार सेवक से मांगा जवाब; BDO तीसा को पंचायत बदलने के निर्देश
चंबा में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत मृत व्यक्ति के नाम आवास स्वीकृत करने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम पंचायत सेईकोठी के तत्कालीन पंचायत सचिव प्रताप सिंह को 90 दिन के लिए निलंबित कर दिया गया है।
वहीं, संबंधित ग्राम रोजगार सेवक को एक माह का नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। खंड विकास अधिकारी तीसा को ग्राम रोजगार सेवक को तत्काल प्रभाव से मौजूदा पंचायत से बदलने के निर्देश भी दिए गए हैं।
एडीसी ने जारी किए निलंबन के आदेश
जिला परिषद चंबा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त अमित मेहरा ने मंगलवार को तत्कालीन पंचायत सचिव प्रताप सिंह के निलंबन के आदेश जारी किए। यह कार्रवाई खंड विकास अधिकारी तीसा की ओर से 11 सितंबर को भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर की गई है। निलंबन अवधि के दौरान प्रताप सिंह का मुख्यालय खंड विकास अधिकारी तीसा का कार्यालय रहेगा।
प्रशासनिक जांच रिपोर्ट में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभार्थियों के सत्यापन, अभिलेखों के परीक्षण और योजना की निर्धारित प्रक्रिया के पालन में अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।
मृत व्यक्ति के नाम दर्ज था लाभार्थी
मामला विकास खंड तीसा की ग्राम पंचायत सेईकोठी के गांव ओहला से जुड़ा है। शिकायतकर्ता मान सिंह पुत्र कर्म चंद निवासी मकन, ग्राम पंचायत सनवाल ने निदेशक ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग को शिकायत भेजकर मामले की जांच, सरकारी धनराशि की वसूली और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पीएमएवाई-जी के ऑनलाइन रिकॉर्ड में लाभार्थी आईडी HP 115031476 के तहत भागी पुत्र दसरावन, निवासी नरवाड, पंचायत सेईकोठी का नाम दर्ज है। शिकायत के अनुसार उपलब्ध मृत्यु प्रमाणपत्र में संबंधित व्यक्ति की मृत्यु 12 मार्च 2024 दर्ज है। इसके बावजूद उसका नाम स्थायी प्रतीक्षा सूची से नहीं हटाया गया।
1.30 लाख रुपये की सहायता, 65 हजार की पहली किस्त
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया था कि योजना के तहत संबंधित लाभार्थी के नाम 1.30 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत दर्शाई गई है और 65 हजार रुपये की पहली किस्त जारी होने की बात सामने आई थी। प्रशासनिक आदेश में मृत व्यक्ति का नाम स्थायी प्रतीक्षा सूची से नहीं हटाने और उसके नाम पर आवास स्वीकृत कर सरकारी धनराशि जारी करने की प्रक्रिया को गंभीर अनियमितता माना गया है।
ग्राम रोजगार सेवक को नोटिस
मामले में संबंधित ग्राम रोजगार सेवक को एक माह का नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इसके साथ ही BDO तीसा को ग्राम रोजगार सेवक को तत्काल प्रभाव से मौजूदा पंचायत से बदलने के निर्देश दिए गए हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त अमित मेहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले में तत्कालीन पंचायत सचिव को निलंबित किया गया है और संबंधित ग्राम रोजगार सेवक को नोटिस जारी किया गया है।
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