शाहपुर
कहते हैं कि यदि इरादे मजबूत हों और परिवार का साथ मिले, तो कोई भी मंजिल पाना असंभव नहीं रह जाता। हिमाचल प्रदेश के विधानसभा क्षेत्र शाहपुर की बोह घाटी के रूल्हेड़ गाँव की बेटी और बहू सपना कुमारी (पत्नी विनोद कुमार) ने इस कहावत को सच कर दिखाया है।
अपनी कड़ी मेहनत, संघर्ष और अटूट लगन के दम पर सपना ने जिला कांगड़ा के इंदौरा स्थित एक प्रतिष्ठित सीबीएसई (CBSE) स्कूल में अंग्रेजी शिक्षिका के रूप में नियुक्ति पाकर एक नया मुकाम हासिल किया है। सपना की यह सफलता आज उन सभी महिलाओं के लिए एक मिसाल बन गई है जो शादी के बाद अपने सपनों को छोड़ देती हैं।
सपना कुमारी का बचपन काफी संघर्षों भरा रहा, जहाँ उनकी नानी ने उनका पालन-पोषण किया और मामा विष्णु ने उन्हें हमेशा शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनकी माता ने उन्हें स्नातक तक पढ़ाया।
साल 2021 में विवाह के बाद सपना की जिंदगी में नई जिम्मेदारियाँ आईं, लेकिन उनके सपनों की उड़ान नहीं रुकी। उनके पति विनोद कुमार, जो खुद एक सरकारी स्कूल में जेबीटी (JBT) शिक्षक हैं, और पूरे ससुराल परिवार ने सपना का भरपूर साथ दिया।
इसी सहयोग के चलते उन्होंने राजकीय महाविद्यालय शाहपुर से स्नातक, सेंट्रल यूनिवर्सिटी से एम.ए. अंग्रेजी व एम.ए. इतिहास और पंडित दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज, बड़सर से बी.एड. की पढ़ाई पूरी की।
उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद सपना ने ससुराल में ही रहकर कठिन मेहनत से टेट (TET) परीक्षा उत्तीर्ण की और लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटी रहीं, जिसके सुखद परिणाम के रूप में आज वे शिक्षिका बन चुकी हैं।
अपनी इस बड़ी सफलता का श्रेय सपना अपनी माता, नानी, मामा, पति और ससुराल पक्ष को देती हैं। उनका मानना है कि दृढ़ संकल्प और परिवार का अटूट विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। सपना की यह प्रेरक कहानी समाज को यह संदेश देती है कि विवाह किसी लड़की के सपनों का अंत नहीं, बल्कि सही सहयोग और हौसले से एक नई और शानदार उड़ान की शुरुआत भी हो सकता है।