हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश के पटलांदर में आधी रात को एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 11वीं कक्षा के छात्र अनि उर्फ मिठ्ठू ने कथित तौर पर फंदे से लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
घर के इकलौते चिराग की मौत से माता-पिता की दुनिया उजड़ गई है। घटना की रात जब मां अनिता की आंख खुली तो बेटे को फंदे पर लटका देख उनके मुंह से बस इतना ही निकला—"मिठ्ठू तू क्या कित्ता..."
और वह बेसुध हो गईं। पत्नी की चीख सुनकर जगे पिता बंटी के पैरों तले से भी जमीन खिसक गई, जब उन्होंने अपने कलेजे के टुकड़े को इस हाल में देखा। घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है।
इस खौफनाक कदम से कुछ ही घंटे पहले तक घर का माहौल बिल्कुल सामान्य था। रात को अनि ने माता-पिता के साथ मुस्कुराते हुए उड़द की दाल और चावल खाए थे और पिता से बड़े चाव से कहा था कि दाल में मक्खन डालने से स्वाद और बढ़ जाता है।
पिता को क्या मालूम था कि बेटे की यह मासूम मुस्कराहट और उसकी बातें आखिरी यादें बन जाएंगी। वर्ष 2007 में शादी के बाद, बंटी ने आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए दूसरे बच्चे के बारे में नहीं सोचा था। वे अपनी निजी नौकरी के दम पर अपने इस इकलौते बेटे का एक बेहतरीन भविष्य बनाना चाहते थे, लेकिन एक झटके में सब कुछ बिखर गया।
पिता बंटी का सपना था कि उनका बेटा सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करे, ठीक वैसे ही जैसे उनका भतीजा पहले से फौज में है। पिता और पुत्र के बीच गहरा लगाव था और दोनों रोज सुबह-शाम सैर करते हुए घंटों अपने भविष्य और पढ़ाई की योजनाएं बनाते थे।
जिस घर में कल तक बेटे को फौजी अफसर बनाने के सपने बुने जा रहे थे, आज वहां केवल मातम का सन्नाटा और मां-बाप की चीखें गूंज रही हैं। पुलिस इस कथित आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है, लेकिन इस घटना ने हंसते-खेलते परिवार को ताउम्र का कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है।