ऊना।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा टोल टैक्स और प्रवेश शुल्क (Entry Tax) में की गई भारी वृद्धि अब एक बड़े विवाद का रूप ले चुकी है। इस फैसले के खिलाफ न केवल हिमाचल बल्कि पड़ोसी राज्य पंजाब के लोग भी लामबंद हो गए हैं।
हिमाचल-पंजाब सीमा पर प्रदर्शन के ऐलान के बीच, ऊना के विधायक और पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने प्रदर्शनकारियों को खुला समर्थन देकर सियासी पारा गरमा दिया है।
जनभावनाओं के खिलाफ है टैक्स वृद्धि
विधायक सतपाल सत्ती ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बिना सोचे-समझे लिया गया यह फैसला पूरी तरह से जनविरोधी है। सत्ती ने कहा कि इस बेतहाशा बढ़ोतरी का बुरा असर हिमाचल आने वाले पर्यटकों और धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं पर पड़ रहा है।
उन्होंने तर्क दिया कि पंजाब और हिमाचल के बीच गहरे पारिवारिक संबंध हैं। टैक्स बढ़ने से रिश्तेदारों का आना-जाना भी महंगा और मुश्किल हो गया है। विधायक ने चेतावनी दी कि अगर बाहरी राज्यों के लोग हिमाचल आने से कतराने लगे, तो इसका सीधा असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा।
सत्ता में आए तो बदलेंगे फैसला: भाजपा का वादा
सतपाल सत्ती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान सरकार केवल खजाना भरने के लिए जनता पर बोझ डाल रही है। उन्होंने एक बड़ा चुनावी दांव खेलते हुए ऐलान किया जैसे ही प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्ता में आएगी, इस बेतहाशा एंट्री टैक्स और टोल वृद्धि की समीक्षा की जाएगी और जनता के हित में महत्वपूर्ण व कड़े निर्णय लिए जाएंगे।
सीमा पर तनाव और सियासी हलचल
पंजाब के लोगों द्वारा सीमा पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यह गतिरोध जारी रहा, तो अंतरराज्यीय व्यापार और यातायात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।