शिमला।
हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों में पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल पंपों पर लग रही लंबी कतारों और 'तेल संकट' की अफवाहों के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़ी सफाई दी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में ईंधन (Fuel) के वर्तमान स्टॉक का खुलासा करते हुए जनता को आश्वस्त किया है कि आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए सरकार पूरी तरह मुस्तैद है।
स्टॉक की वर्तमान स्थिति: मुख्यमंत्री का खुलासा
मुख्यमंत्री ने सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में स्पष्ट किया कि प्रदेश में तेल की कोई "पूर्ण कमी" नहीं है, बल्कि आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में आए अस्थायी व्यवधान के कारण कुछ पंपों पर दिक्कत आई थी।
सीएम के अनुसार, प्रदेश के पास फिलहाल 3 से 4 दिनों का पर्याप्त पेट्रोल स्टॉक सुरक्षित है। डीजल की उपलब्धता को लेकर उन्होंने बताया कि राज्य के पास 2 से 3 दिनों का बैकअप उपलब्ध है। तेल डिपो से पेट्रोल पंपों तक टैंकरों की आवाजाही को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि किसी भी क्षेत्र में 'Dry Out' की स्थिति न बने।
"पैनिक बाइंग" न करें प्रदेशवासी: सीएम
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों के आधार पर जरूरत से ज्यादा तेल स्टोर न करें। उन्होंने कहा जब लोग घबराहट में (Panic Buying) अपनी क्षमता से अधिक तेल भरवाने लगते हैं, तो इन्वेंट्री पर अचानक दबाव बढ़ जाता है। हमारे पास पर्याप्त स्टॉक है, इसलिए लोग शांति बनाए रखें।
संकट की मुख्य वजह और प्रशासनिक कदम
खराब मौसम और कुछ तकनीकी कारणों से डिपो से पंपों तक टैंकर पहुँचने में देरी हुई थी। सभी जिला उपायुक्तों (DCs) और खाद्य आपूर्ति विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे पेट्रोल पंपों के स्टॉक की रोजाना निगरानी करें और तेल की कालाबाजारी या जमाखोरी को रोकें। एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और सरकारी परिवहन सेवाओं के लिए ईंधन का विशेष कोटा रिजर्व रखा गया है।