FruitX की सहायक प्रबंधक ने युवाओं और बागवानों को दिया संदेश, कहा- आत्मविश्वास और तकनीक से बदल रही है सेब विपणन व्यवस्था
हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू की रहने वाली और FruitX में सहायक प्रबंधक के रूप में कार्यरत लक्षिता शर्मा का कहना है कि कृषि और बागवानी उनके लिए केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा है।
सेब उत्पादक परिवार से होने के कारण उन्होंने बचपन से ही बागवानों की मेहनत, चुनौतियों और जरूरतों को करीब से देखा, जिसने उन्हें इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।
लक्षिता शर्मा ने अपनी स्कूली शिक्षा गुरुकुल स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय (पालमपुर) से बीएससी (कृषि) तथा आईआईपीएम, बेंगलुरु से एमबीए की डिग्री हासिल की। वर्तमान में वे FruitX में सहायक प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं।
लक्षिता ने बताया कि FruitX मुख्य रूप से सेब और अनार के कारोबार से जुड़ा है। कंपनी का उद्देश्य बागवानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, उसी दिन भुगतान और पूरी तरह डिजिटल एवं पारदर्शी बिक्री प्रक्रिया उपलब्ध कराना है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो।
पहली नीलामी का अनुभव रहा यादगार
अपने पहले नीलामीकर्ता (Auctioneer) के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि शुरुआत में वे काफी घबराई हुई थीं। हालांकि नीलामी शुरू होते ही उनका आत्मविश्वास बढ़ गया और उन्होंने महसूस किया कि यदि सीखने की इच्छा और खुद पर भरोसा हो तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं होता।
बागवानों से FruitX मंडी आने की अपील
उन्होंने प्रदेश के सेब उत्पादकों से आग्रह किया कि वे कम से कम एक बार FruitX मंडी का दौरा करें और डिजिटल नीलामी प्रणाली को स्वयं देखें। उन्होंने कहा कि कंपनी पूरी पारदर्शिता के साथ बिक्री प्रक्रिया पूरी करती है और किसानों को उसी दिन भुगतान उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों से FruitX सेब विपणन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, कुशल और किसान हितैषी बनाने की दिशा में काम कर रही है।
युवतियों को दिया प्रेरणादायक संदेश
लक्षिता शर्मा ने हिमाचल के युवाओं, विशेषकर युवतियों से कहा कि कोई भी क्षेत्र केवल पुरुषों या महिलाओं तक सीमित नहीं है। यदि मन में आगे बढ़ने का जुनून हो तो सामाजिक रूढ़ियों से ऊपर उठकर आत्मविश्वास के साथ काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाएं लंबे समय से कृषि और बागवानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, अब उन्हें मंडियों और कृषि विपणन व्यवस्था में भी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने विश्वास जताया कि आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प और निरंतर सीखने की इच्छा के साथ युवा पीढ़ी कृषि एवं बागवानी क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर सकती है।
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