जोगिंदरनगर से RCFC स्थानांतरण की अधिसूचना रद्द करने की मांग पर आंदोलन जारी, संघर्ष समिति जल्द करेगी सामूहिक उपवास और पंचायत स्तर पर अभियान
RCFC बचाओ संघर्ष समिति की ओर से संस्थान के स्थानांतरण के विरोध में चलाया जा रहा आंदोलन लगातार जारी है। समिति की भूख हड़ताल बुधवार को 21वें दिन में प्रवेश कर गई। आज भी किसान सभा के नेता और कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर बैठे।
भूख हड़ताल में चलहारग पंचायत के वार्ड सदस्य एवं सेवानिवृत्त वरिष्ठ फोरमैन कर्म सिंह चौधरी, चलहारग पंचायत के सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता अमर सिंह चौधरी, बिहूँ पंचायत से आदित्य बिष्ट और कस पंचायत से मयंक शामिल रहे।
इससे एक दिन पहले हराबाग से कर्म चंद, नौहली से चेत राम व संजय कुमार तथा बिहूँ पंचायत से सुरेंद्र ठाकुर ने भूख हड़ताल में हिस्सा लिया था।
समर्थन में पहुंचे विभिन्न क्षेत्रों के लोग
भूख हड़ताल के दौरान आंदोलन को समर्थन देने के लिए रोटेरियन अजय ठाकुर, सेवानिवृत्त एक्सईएन कृपाल ठाकुर, सेवानिवृत्त एसडीओ बृज गोपाल अवस्थी, एसडीओ शेर सिंह ठाकुर, सेवानिवृत्त अधीक्षक भूपेंद्र ठाकुर, रोटेरियन राम लाल वालिया, सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार रतन सिंह और जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज भी मौजूद रहे।
संघर्ष समिति के वरिष्ठ नेताओं रोटेरियन अजय ठाकुर, कृपाल ठाकुर और कर्म चंद ने कहा कि जब तक जोगिंदरनगर से RCFC को स्थानांतरित करने संबंधी अधिसूचना रद्द नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आंदोलन को हर गांव और पंचायत तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा अलग-अलग क्षेत्रों में बड़ी रैलियां आयोजित कर लोगों को आंदोलन से जोड़ा जाएगा।
सामूहिक उपवास की भी तैयारी
संघर्ष समिति के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज ने कहा कि भूख हड़ताल को मजबूती देने के लिए जल्द ही विभिन्न स्थानों पर सामूहिक उपवास आयोजित किए जाएंगे।
वहीं बृज गोपाल अवस्थी, शेर सिंह ठाकुर और कुशाल भारद्वाज ने कहा कि उनके अनुसार यह मुद्दा केवल एक संस्थान को बचाने तक सीमित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि RCFC के लिए उपयुक्त क्षेत्र से संस्थान को स्थानांतरित करने का फैसला जोगिंदरनगर के साथ-साथ मंडी और कांगड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों की जनता के हितों को प्रभावित करेगा।
संघर्ष समिति ने केंद्र और राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने तथा RCFC को जोगिंदरनगर से स्थानांतरित करने संबंधी अधिसूचना को रद्द करने की मांग दोहराई है।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube