हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के विधानसभा क्षेत्रों के दौरों और नई घोषणाओं को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं श्री नैना देवी के विधायक रणधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री के दौरों को पॉलिटिकल ड्रामा करार देते हुए कहा कि तीन साल तक सरकार को जनता की याद नहीं आई और
अब चुनाव नजदीक आते ही घोषणाओं की झड़ी लगाई जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अंतिम समय का दान भी काम नहीं आएगा।
रणधीर शर्मा ने सरकार की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़कों की मरम्मत, एचआरटीसी बसों के टायर बदलने, खराब मशीनरी ठीक करवाने और विधायक निधि जारी करने तक के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है।
ऐसे में मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि करोड़ों रुपये की नई घोषणाओं के लिए बजट कहां से आएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय वेशभूषा पहनकर नाचने और जनता के साथ भोजन करने पर भाजपा को आपत्ति नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री को सरकार की नाकामियों का जवाब देना चाहिए।
भाजपा विधायक ने आपदा राहत राशि के इस्तेमाल को लेकर भी कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने एसडीआरएफ, एसडीएमएफ, एनडीआरएफ और पीडीएनए सहित विभिन्न मदों में हजारों करोड़ रुपये की सहायता दी है।
उनके अनुसार, पीडीएनए के तहत 2,006.40 करोड़ रुपये की पुनर्निर्माण योजना स्वीकृत हुई, जिसमें केंद्र का हिस्सा 1,504.80 करोड़ रुपये है। उन्होंने जुलाई और दिसंबर 2025 में 1,053.36 करोड़ रुपये जारी होने का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राहत राशि का इस्तेमाल कांग्रेस से जुड़े ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि पीडीएनए के तहत स्वीकृत कार्यों से हटकर धन खर्च किया गया और भाजपा विधायकों के क्षेत्रों की अनदेखी कर कांग्रेस नेताओं के क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग में ऑफलाइन टेंडर की सीमा एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने, बड़े कार्यों को छोटे हिस्सों में बांटने और बिना काम किए भुगतान किए जाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
उन्होंने सरकार से आपदा राहत राशि पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग करते हुए कहा कि केंद्र से मिली प्रत्येक किस्त, विभागवार आवंटन, विधानसभा क्षेत्रवार खर्च, ठेकेदारों के नाम और भुगतान का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने महिलाओं को 1,500 रुपये, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और रोजगार के वादों पर भी सरकार से जवाब मांगा। साथ ही उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार के 2,200 से अधिक संस्थान बंद करने का आरोप लगाया।
रणधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री राजनीतिक दौरे और घोषणाएं करते रहें, लेकिन जनता उनसे अधूरे वादों और आपदा राहत राशि के खर्च का हिसाब जरूर मांगेगी। भाजपा ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है।
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