भाजपा प्रवक्ता ने ‘9 विधायकों के बिकने’ और देहरा उपचुनाव में कैश फॉर वोट के आरोपों पर मुख्यमंत्री को घेरा
प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री के ‘9 विधायक बिक गए’ वाले आरोपों पर राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री या तो सबूत पेश करें या प्रदेश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
राणा ने दावा किया कि पुलिस जांच, कॉल डिटेल और बैंक खातों की जांच में अवैध धन का कोई सबूत नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ढाई साल से यह आरोप दोहरा रहे हैं और जरूरत हो तो किसी अन्य जांच एजेंसी से भी जांच करवा लें।
देहरा उपचुनाव में ‘कैश फॉर वोट’ का आरोप
राजेंद्र राणा ने देहरा उपचुनाव के दौरान आचार संहिता के बीच 68 महिला मंडलों के खातों में कांगड़ा सहकारी बैंक से 50-50 हजार रुपये डालने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री पद का दुरुपयोग बताते हुए कहा कि यदि सरकार को महिला मंडलों की चिंता थी, तो सभी महिला मंडलों को समान राशि दी जानी चाहिए थी।
जमीन के मुआवजे और महिला सहायता राशि पर सवाल
राणा ने मुख्यमंत्री के त्याग संबंधी बयानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश के लोग पानी के लिए अपनी जमीन दे रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री अपनी जमीन का मुआवजा ले रहे हैं। उन्होंने सरकार से श्वेत पत्र जारी कर यह बताने की मांग की कि सरकारी परियोजनाओं के लिए जमीन देने वाले कितने लोगों को मुआवजा मिला।
चंबा में 15 हजार महिलाओं को 1500 रुपये देने की घोषणा पर भी राणा ने सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि बाकी 28 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ क्यों नहीं मिल रहा।
कर्ज, सरकारी खर्च और विकास कार्यों को लेकर आरोप
राणा ने आरोप लगाया कि प्रदेश पर सरकार बनने के बाद 46 हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज चढ़ गया है। उन्होंने शिमला के फागू में मुख्यमंत्री और उनके मित्रों की जमीनों के लिए सरकारी धन से डंगे बनाने, सड़कों की मरम्मत के लिए धन की कमी और विकास कार्य ठप होने के आरोप भी लगाए।
राणा ने कहा कि सरकार बदलने पर मौजूदा सरकार के कार्यकाल में हुए खर्चों और फैसलों का हिसाब लिया जाएगा। ये आरोप राजेंद्र राणा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए हैं।
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