सोलन में उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, किसान सभा ने शुल्क वृद्धि वापस लेने और आम लोगों को राहत देने की उठाई मांग
हिमाचल प्रदेश में स्टांप शुल्क में की गई बढ़ोतरी के विरोध में हिमाचल किसान सभा, सोलन ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को किसान सभा ने उपायुक्त सोलन के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन सौंपकर स्टांप शुल्क में की गई वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग की। इस दौरान किसान सभा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
किसान सभा का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा संपत्ति हस्तांतरण, शपथपत्र, समझौता, मुख्तारनामा, बंधक विलेख, लीज और अन्य कानूनी दस्तावेजों पर स्टांप शुल्क बढ़ाने से आम परिवारों, किसानों और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इससे जमीन-जायदाद के हस्तांतरण और रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी महंगी हो जाएगी।
सभा ने उल्लेख किया कि राज्य विधानसभा से पारित भारतीय स्टाम्प (हिमाचल प्रदेश द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत लगभग 40 श्रेणियों के लेन-देन पर शुल्क दरों में संशोधन किया गया है।
किसान सभा ने सरकार से मांग की कि आम नागरिकों को राहत देने के लिए स्टांप शुल्क में की गई वृद्धि रद्द की जाए और किसानों, छोटे भूस्वामियों तथा निम्न-मध्यम वर्ग के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
किसान सभा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो आगे व्यापक जन-आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष नीतीश ठाकुर, जिला सचिव प्यारे लाल वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक वर्मा, कैशियर मनोहर मेहता, जिला कमेटी सदस्य मेघराम, मोहित, केशव, कमल किशोर, रामप्रताप, गणेश राम सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
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