भाजपा सोलन शहरी मंडल अध्यक्ष ने सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल, अतिरिक्त प्रदूषण शुल्क के फैसले की समीक्षा कर राहत देने की मांग की
हिमाचल प्रदेश में होटल कारोबारियों पर 150 प्रतिशत तक अतिरिक्त प्रदूषण शुल्क लगाए जाने की चर्चा को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा सोलन शहरी मंडल के अध्यक्ष शैलेन्द्र ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार एक ओर पर्यटन को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर नए-नए शुल्क लगाकर पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है।
सोलन में 6 नवंबर को जारी बयान में शैलेन्द्र ने कहा कि होटल उद्योग हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इससे हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी है और युवाओं को रोजगार मिलता है। ऐसे में होटल कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना पर्यटन क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन कांग्रेस सरकार की नीतियों और नए शुल्कों से यह क्षेत्र कमजोर हो सकता है। होटल कारोबारियों पर बढ़ता आर्थिक बोझ केवल पर्यटन उद्योग ही नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और हजारों परिवारों की आजीविका को भी प्रभावित कर सकता है।
शैलेन्द्र ने सवाल उठाया कि होटल कारोबारी पहले से ही बिजली, पानी, कर्मचारियों के वेतन, टैक्स और अन्य व्यावसायिक खर्चों का बोझ उठा रहे हैं। ऐसे में सरकार नए शुल्क लगाकर उनकी परेशानियां क्यों बढ़ा रही है? उन्होंने कांग्रेस सरकार से पूछा कि वह पर्यटन को प्रोत्साहन देना चाहती है या नए शुल्क लगाकर पर्यटन कारोबार को हतोत्साहित कर रही है?
भाजपा नेता ने प्रदेश सरकार से होटल कारोबारियों पर लगाए जा रहे अतिरिक्त प्रदूषण शुल्क के निर्णय की समीक्षा करने और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को राहत प्रदान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे फैसले लेने से बचना चाहिए, जो प्रदेश में पर्यटन कारोबार, निवेश और रोजगार की संभावनाओं को प्रभावित करें।
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