भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने 2032 तक आत्मनिर्भर हिमाचल के दावे पर उठाए सवाल, स्कूलों में फीस बढ़ोतरी और शिक्षकों की कमी को लेकर कांग्रेस सरकार को घेरा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार के तथाकथित ‘व्यवस्था परिवर्तन’ पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय प्रबंधन तीनों क्षेत्रों में अव्यवस्था बढ़ी है।
डॉ. बिंदल ने सरकारी स्कूलों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश के कई विद्यालय सिंगल टीचर व्यवस्था से जूझ रहे हैं। कई स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं और एक ही शिक्षक को अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई शैक्षणिक संस्थान बंद किए गए हैं, जबकि संचालित स्कूलों में भी भवन, शिक्षक, शौचालय, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है।
स्कूल फीस बढ़ाने का लगाया आरोप
डॉ. बिंदल ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कक्षा 9वीं और 11वीं की पंजीकरण फीस 50 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये कर दी गई है।
इसी तरह लेट फीस को 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये किए जाने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि फीस में इस तरह की बढ़ोतरी से अभिभावकों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने मुफ्त वर्दी और परिवहन से जुड़ी सुविधाओं में कटौती का भी आरोप लगाया।
CBSE और अंग्रेजी माध्यम के फैसले पर सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सरकारी स्कूलों में CBSE और अंग्रेजी माध्यम लागू करने के फैसले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े शैक्षणिक बदलाव से पहले पर्याप्त तैयारी, शिक्षक प्रशिक्षण और जरूरी संसाधनों की व्यवस्था होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त तैयारी के बच्चों पर प्रयोग करना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। डॉ. बिंदल ने कहा कि यदि स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, भवन और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं और फीस भी बढ़ाई जा रही है, तो सरकार के शिक्षा सुधार के दावे सवालों के घेरे में आते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सरकार को घेरा
डॉ. बिंदल ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों तथा विशेषज्ञों की कमी है।
उन्होंने CT Scan, Ultrasound और अन्य जांच सुविधाओं को लेकर भी लोगों को हो रही परेशानियों का जिक्र किया। उनका कहना था कि स्वास्थ्य क्षेत्र में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण आम जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वित्तीय प्रबंधन और बढ़ते कर्ज पर सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने हालिया CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रदेश सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बढ़ते कर्ज, वित्तीय अनुशासन की कमी और विकास कार्यों की धीमी गति को लेकर सरकार को घेरा।
डॉ. बिंदल ने कहा कि एक तरफ सरकार वर्ष 2032 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने का दावा कर रही है, जबकि दूसरी ओर प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में आत्मनिर्भर हिमाचल का दावा जनता को गुमराह करने वाला प्रतीत होता है।
करीब 200 स्थानों पर होंगे धरने-प्रदर्शन
डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि पार्टी ने प्रदेश के 171 मंडलों सहित करीब 200 स्थानों पर हर महीने स्थानीय मुद्दों को लेकर धरने-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा की बदहाली, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, फीस में बढ़ोतरी, संस्थानों के बंद होने और वित्तीय कुप्रबंधन जैसे मुद्दों को भाजपा लगातार जनता के बीच उठाएगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी सदन से लेकर सड़क तक प्रदेश की जनता की आवाज उठाती रहेगी और कांग्रेस सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।
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