आत्मनिर्भरता, नेतृत्व और संचार कौशल पर दिया जोर, विद्यार्थियों से अगले 5 या 10 साल के लक्ष्य पर निबंध लिखने को कहा
नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं में आयोजित संवाद कार्यक्रम के दूसरे दिन विद्यार्थियों से बातचीत की।
इस दौरान उन्होंने बीए, बीकॉम और बीएससी द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के साथ स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ आत्म-विकास, संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है।
‘केवल डिग्री और किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं’
राजेश धर्माणी ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से ही बेहतर और सशक्त समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए केवल डिग्री या पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है।
विद्यार्थियों को संचार कौशल, नेतृत्व गुण, सामूहिक चर्चा में भागीदारी, सुनने की क्षमता और सामाजिक व्यवहार को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छी पुस्तकें पढ़ने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए भी प्रेरित किया।
‘हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है’
मंत्री ने कहा कि जीवन में कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है, बशर्ते उसे हासिल करने के लिए पूरी लगन, निरंतरता और एकाग्रता के साथ प्रयास किया जाए।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी खूबियों और कमियों की पहचान कर निरंतर आत्म-सुधार की दिशा में आगे बढ़ने की सलाह दी। साथ ही गहन चिंतन करने और किसी भी विषय पर गंभीरता से विचार करने की आदत विकसित करने पर जोर दिया।
मोबाइल का इस्तेमाल ज्ञान और आत्म-विकास के लिए करें
राजेश धर्माणी ने विद्यार्थियों से मोबाइल फोन का सकारात्मक इस्तेमाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल का उपयोग केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे ज्ञानवर्धन, सीखने और आत्म-विकास का माध्यम बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को योग और खेलों को दिनचर्या का हिस्सा बनाने तथा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के लिए भी प्रेरित किया।
संवाद के दौरान मंत्री ने विद्यार्थियों के साथ आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार, खेल, व्यक्तित्व विकास, समाज सेवा, नेतृत्व क्षमता और लक्ष्य निर्धारण जैसे विषयों पर चर्चा की।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लिए उपयुक्त आदर्श चुनने और उनके सकारात्मक गुणों से प्रेरणा लेने की सलाह दी।
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल
संवाद कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मंत्री राजेश धर्माणी के समक्ष विभिन्न सवाल और जिज्ञासाएं रखीं। मंत्री ने सहजता से उनके सवालों के जवाब दिए और विद्यार्थियों को लगातार सीखते रहने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान विद्यार्थियों की समस्याओं और सुझावों की जानकारी भी ली गई तथा संबंधित विषयों पर आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।
‘5 या 10 साल बाद खुद को कहां देखते हैं’, निबंध लिखेंगे विद्यार्थी
संवाद सत्र के दौरान राजेश धर्माणी ने विद्यार्थियों को ‘अगले पांच या दस वर्ष बाद मैं स्वयं को कहां देखना चाहता/चाहती हूं’ विषय पर निबंध लिखने को कहा।
उन्होंने कहा कि बेहतर निबंध लिखने वाले विद्यार्थियों को आगामी जिला स्तरीय सीर उत्सव में पुरस्कृत किया जाएगा।
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. प्रीतम लाल सहित महाविद्यालय के अन्य अध्यापक भी मौजूद रहे।
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