कम छात्र संख्या वाले स्कूलों से शिक्षकों को जरूरत वाले स्कूलों में भेजने की तैयारी, पीटीएफ के आंदोलन के बीच लिया गया फैसला
हिमाचल प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक संघ के क्रमिक अनशन के बीच राज्य सरकार ने प्राथमिक स्कूलों में तैनात जेबीटी शिक्षकों के युक्तीकरण को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। शिक्षा विभाग अब इस प्रक्रिया को जिला स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
युक्तीकरण के तहत कम छात्र संख्या वाले स्कूलों से शिक्षकों को उन स्कूलों में भेजा जाएगा, जहां शिक्षकों की अधिक आवश्यकता है। इससे आने वाले समय में बड़ी संख्या में जेबीटी शिक्षकों के स्थानांतरण की संभावना है।
3209 प्राथमिक स्कूलों में एक-एक शिक्षक
प्रदेश में करीब 3209 प्राथमिक स्कूल ऐसे हैं, जहां एक-एक शिक्षक तैनात है। इनमें कई स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 20 से 25 तक है। वहीं कुछ स्कूल ऐसे भी हैं, जहां केवल 10 से 12 विद्यार्थी होने के बावजूद दो-दो शिक्षक तैनात हैं।
शिक्षा विभाग का उद्देश्य शिक्षकों के इस असमान वितरण को दूर करना है, ताकि अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा किया जा सके।
छात्र संख्या के आधार पर तय होंगे मानक
बीते दिनों शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में जेबीटी युक्तीकरण को लेकर चर्चा हुई थी। अब सरकार की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद जिला स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
जेबीटी का जिला कैडर होने के कारण संबंधित जिलों के उपनिदेशक शिक्षकों का युक्तीकरण करेंगे। इसमें विद्यार्थियों की संख्या, उपलब्ध शिक्षक, स्वीकृत पद और अन्य निर्धारित मानकों को आधार बनाया जाएगा।
सबसे अधिक प्राथमिकता उन स्कूलों को मिलने की संभावना है, जहां विद्यार्थियों की संख्या अधिक है, लेकिन केवल एक शिक्षक सेवाएं दे रहा है।
भर्ती के साथ शिक्षकों का पुनर्वितरण
शिक्षा विभाग की ओर से जेबीटी के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी चल रही है। बैचवाइज और सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्तियां की जा रही हैं।
ऐसे में विभाग एक ओर नए जेबीटी शिक्षकों की भर्ती कर रिक्त पदों को भरने की दिशा में आगे बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर मौजूदा शिक्षकों को जरूरत के अनुसार विभिन्न स्कूलों में पुनर्वितरित किया जाएगा।
सरकार को उम्मीद है कि इससे शिक्षकों की कमी वाले प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था बेहतर होगी।
पीटीएफ के आंदोलन के बीच फैसला
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ (पीटीएफ) युक्तीकरण के विरोध में क्रमिक अनशन कर रहा है।
सरकार की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद अब युक्तीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने पर शिक्षक संघ और सरकार के बीच खींचतान बढ़ने की संभावना है।
14वें दिन भी जारी रहा क्रमिक अनशन
पीटीएफ का क्रमिक अनशन शनिवार को 14वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान राज्य महिला विंग की पदाधिकारियों ने भी आंदोलन में भाग लिया।
महिला विंग की ओर से शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा और न्यायपूर्ण मांगों को पूरा करने की मांग उठाई गई। क्रमिक अनशन में महिला विंग की अध्यक्षा सुनीता शर्मा, महासचिव सुशीला नेगी, आशा रानी, मीना ठाकुर और कृष्णा ठाकुर शामिल हुईं।
अब सरकार की ओर से युक्तीकरण की प्रक्रिया को किस तरह लागू किया जाता है और शिक्षक संघ की ओर से इसका क्या विरोध किया जाता है, इस पर नजर रहेगी।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube