शिमला ।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने अपना चौथा बजट पेश करते हुए कर्मचारियों के हित में कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों के दौरान वेतन और पेंशन का बकाया जमा होता गया, जिससे लगभग 13 हजार करोड़ रुपये की देनदारी बन गई है। वर्तमान सरकार इस बकाया भुगतान को समयबद्ध तरीके से निपटाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सदन में बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2016 से पहले के सभी पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को उनका लंबित एरियर वित्त वर्ष 2026-27 में दिया जाएगा। 1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट का पूरा बकाया भी इसी अवधि में मिलेगा। इसके लिए लगभग 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कर्मचारियों के हितों में स्टडी लीव पर जाने वाले कर्मचारियों को अब 100 प्रतिशत वेतन दिया जाएगा, जबकि पहले लीव पर गए कर्मचारियों को भी शेष वेतन का भुगतान किया जाएगा।
अनुबंध और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को राहत देते हुए, निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने पर उन्हें 31 मार्च 2026 और 30 सितंबर 2026 को नियमित किया जाएगा। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का वेतन 25 रुपये बढ़ाकर 450 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। वहीं, आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम 13,750 रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा, जिससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।