शिमला।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को अपना चौथा बजट पेश करते हुए वित्तीय संकट के बीच बड़ा राहत भरा कदम उठाया। सरकार ने 18 श्रेणियों के कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे प्रदेश के हजारों पैरा वर्करों को सीधा लाभ मिलेगा। इस फैसले से आंगनवाड़ी, आशा, मिड-डे मील, पंचायत और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों की आय में इजाफा होगा।
सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1000 रुपये की बढ़ोतरी कर इसे 11,500 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी 1000 रुपये बढ़ाकर 8,300 रुपये प्रतिमाह मिलेगा।
आंगनवाड़ी सहायिकाओं और आशा वर्करों के मानदेय में भी 1000-1000 रुपये की वृद्धि कर इसे 6,800 रुपये प्रतिमाह किया गया है। सिलाई शिक्षकों के मानदेय में भी 1000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
मिड-डे मील वर्कर्स को 500 रुपये की बढ़ोतरी के साथ अब 5,500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। शिक्षा विभाग के वाटर कैरियर को 500 रुपये बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है, जबकि जल रक्षकों का मानदेय 500 रुपये बढ़ाकर 6,100 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
जल शक्ति विभाग के मल्टी पर्पज वर्कर्स को 500 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 6,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग के मल्टी टास्क वर्कर्स के मानदेय में भी 500 रुपये की वृद्धि की गई है। पैरा फिटर और पंप ऑपरेटर को 500 रुपये बढ़ाकर 7,100 रुपये प्रतिमाह मिलेगा।
पंचायत चौकीदारों को 500 रुपये की बढ़ोतरी के साथ अब 9,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। राजस्व चौकीदारों का मानदेय 500 रुपये बढ़ाकर 6,800 रुपये प्रतिमाह किया गया है, जबकि राजस्व लंबरदार को 500 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 5,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
शिक्षा क्षेत्र में SMC अध्यापकों, आईटी शिक्षकों, एसपीओ और पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्कर्स के मानदेय में भी 500-500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की गई है।