धर्मशाला।
परीक्षा केंद्र अबू धाबी में आवंटन को लेकर उठे विवाद के बाद अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
एनटीए की एक कथित बड़ी लापरवाही के कारण क्षेत्र की एक होनहार छात्रा नीट (NEET) की परीक्षा देने से पूरी तरह वंचित रह गई। परिजनों का गंभीर आरोप है कि एजेंसी ने एडमिट कार्ड में एक ऐसा परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया, जहां असल में परीक्षा का कोई आयोजन ही नहीं किया जा रहा था।
एडमिट कार्ड में दर्शाया ढलियारा स्कूल, मौके पर नहीं था कोई सेंटर
पीड़ित छात्रा के पिता जगदीश चंद्र कपूर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जब उन्होंने एनटीए की वेबसाइट से एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसमें परीक्षा केंद्र 'राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ढलियारा' दर्शाया गया था।
परीक्षा के दिन जब वे बेटी को लेकर तय समय पर वहां पहुंचे, तो यह देखकर दंग रह गए कि उक्त स्कूल में नीट का कोई परीक्षा केंद्र स्थापित ही नहीं किया गया था। इस प्रकार एक 'फर्जी' या गलत परीक्षा केंद्र अलॉट होने के कारण उनकी बेटी परीक्षा देने से चूक गई।
हेल्पलाइन से नहीं मिली मदद, बाद में पता चला असली केंद्र
जगदीश चंद्र ने आरोप लगाया कि इस भारी गड़बड़ी का पता चलते ही उन्होंने तुरंत एनटीए की आधिकारिक हेल्पलाइन और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन एजेंसी की ओर से उन्हें कोई सहायता या प्रतिक्रिया नहीं मिली।
काफी जद्दोजहद के बाद प्रशासनिक स्तर से यह जानकारी हासिल हुई कि छात्रा का वास्तविक परीक्षा केंद्र दरअसल 'नगरोटा बगवां' में तय किया गया था। लेकिन जब तक यह सही जानकारी मिली, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और परीक्षा केंद्र के नियम व समय सीमा के कारण छात्रा को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई।
एक साल दांव पर लगा, इंसाफ के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे
पीड़ित परिवार ने एनटीए की इस लापरवाही पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उन्हें इस मामले में न्याय नहीं मिला, तो वह हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
पिता जगदीश चंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा के दौरान भी उनकी बेटी को कई तरह की तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। उनका कहना है कि एनटीए की इस अक्षम्य चूक ने उनकी बेटी का पूरा एक साल दांव पर लगा दिया है, जिससे छात्रा गहरे मानसिक तनाव में है।