बाहरी राज्यों से लोगों के जुटने की आशंका के चलते प्रशासन अलर्ट, डीसी प्रियंका वर्मा ने लोगों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में वाल्मीकि और सिख समुदाय के बीच हुए विवाद के बाद प्रशासन ने एहतियातन धारा 163 लागू कर दी है। माहौल बिगड़ने की आशंका और बाहरी राज्यों पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ से लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, फिलहाल शहर में स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है।
डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।
ये आदेश 29 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। नाहन के चिह्नित क्षेत्र दोसड़का से दिल्ली गेट और बस स्टैंड तक बिना अनुमति पांच या इससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। इस दौरान सार्वजनिक रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन, भूख हड़ताल, भड़काऊ नारेबाजी और घातक हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए वाल्मीकि चौक, राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य संवेदनशील इलाकों में 150 से अधिक पुलिस जवानों तथा रिजर्व बटालियन की टुकड़ियों को तैनात किया गया है। पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। शहर में पुलिस की ओर से फ्लैग मार्च और निरीक्षण भी किया जा रहा है।
डीसी के अनुसार, रविवार को वाल्मीकि जयंती के मौके पर दोनों समुदायों के बीच आपसी संवाद के बाद शांति और भाईचारा बहाल हो गया था। हालांकि, सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो अपलोड होने और 27 अक्टूबर को बाहरी राज्यों से भीड़ जुटने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
गौरतलब है कि 23 अक्टूबर को वाल्मीकि चौक पर सिख समुदाय की ओर से स्वागत द्वार लगाने या उसकी मरम्मत करने को लेकर वाल्मीकि मोहल्ले के लोगों के साथ बहस हुई थी। देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और दोनों पक्षों के बीच पथराव तथा बोतलें चलीं। स्थिति को शांत कराने पहुंचे सदर थाना प्रभारी सहित छह से अधिक पुलिसकर्मी और कुछ स्थानीय लोग घायल हो गए थे।
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