मंडी I
सराज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली राजकीय प्राथमिक पाठशाला मुराह में शिक्षा का स्तर चरमरा गया है। पिछले पांच वर्षों से यह स्कूल केवल एक अध्यापक के भरोसे चल रहा है, जिससे बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है।
इस समस्या के समाधान के लिए स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) का एक प्रतिनिधिमंडल जिला उपायुक्त अपूर्व देवगन से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपकर रिक्त पदों को भरने की गुहार लगाई।
SMC प्रधान मीरा देवी ने बताया कि स्कूल की स्थिति दयनीय है। पाठशाला में पहली से पांचवीं कक्षा तक कुल 50 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल में जेबीटी (JBT) अध्यापकों के दो पद स्वीकृत हैं, लेकिन बीते कई वर्षों से एक पद खाली पड़ा है।
मात्र एक शिक्षक पर प्री-प्राइमरी से लेकर पांचवीं तक की सभी कक्षाओं को पढ़ाने का बोझ है। एक ही समय में पांच अलग-अलग कक्षाओं को संभालना शिक्षक के लिए असंभव हो रहा है, जिससे बच्चों को व्यक्तिगत ध्यान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है।
मीरा देवी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा का स्तर गिरता देख अभिभावक अब अपने बच्चों का दाखिला अन्य स्कूलों में करवा रहे हैं। यदि समय रहते पद नहीं भरा गया, तो स्कूल में छात्र संख्या और कम हो जाएगी, जिससे सरकारी स्कूल के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा सकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को बताया कि वे इस समस्या को लेकर स्थानीय विधायक से लेकर शिक्षा निदेशक तक को कई बार अवगत करवा चुके हैं, लेकिन आश्वासनों के सिवाय अब तक कुछ हाथ नहीं लगा है।
जिला उपायुक्त अपूर्व देवगन ने प्रतिनिधिमंडल की शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना और उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। अभिभावकों को उम्मीद है कि प्रशासन इस बार उनकी मांग पर गंभीरता दिखाएगा ताकि गरीब ग्रामीण बच्चों को सही शिक्षा मिल सके।