शिमला I
देवभूमि हिमाचल प्रदेश को अपनी पहचान छिपाने का सुरक्षित ठिकाना बनाने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में 6 साल पहले हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड के दो मुख्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पत्नी और उसका प्रेमी पिछले 4 सालों से हिमाचल के विभिन्न जिलों में पहचान बदलकर रह रहे थे।
यह खौफनाक वारदात 19 मई 2020 को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के समधाना गांव में हुई थी। यहाँ के निवासी प्रॉपर्टी डीलर सतीश चंद्र की उनकी पत्नी सुनीता ने अपने प्रेमी कपिल गंगवार के साथ मिलकर बेरहमी से हत्या कर दी थी।
सुनीता और कपिल के बीच अवैध प्रेम-प्रसंग था। जब सतीश को इसकी भनक लगी और उसने विरोध किया, तो दोनों ने उसे रास्ते से हटाने का फैसला किया। आरोपियों ने पहले सतीश को जहर दिया और फिर गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे। उनकी फरारी का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है शुरुआत में दोनों नोएडा में छिपे रहे, जहाँ कपिल बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर गुजारा करता था।
पुलिस की दबिश बढ़ने पर दोनों हिमाचल भाग आए। यहाँ पिछले चार सालों से वे अलग-अलग जिलों में अपनी असली पहचान छिपाकर रह रहे थे। पुलिस से बचने के लिए उन्होंने आधार कार्ड और पैन कार्ड तक का इस्तेमाल बंद कर दिया था, ताकि डिजिटल सर्विलांस से बचा जा सके।
पुलिस ने दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। हाल ही में कपिल अपने भाई की शादी में शामिल होने के लिए गुपचुप तरीके से उत्तर प्रदेश आया था और सुनीता भी उसके साथ थी। पुलिस को उनके आने की भनक लग गई। रविवार सुबह जब वे शादी से लौट रहे थे, तो पुलिस ने सरयू पुलिया के पास घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया।
इस गिरफ्तारी के बाद एक मासूम बच्ची का भविष्य अंधकार में डूब गया है। आरोपियों की एक बेटी है, जिसे पुलिस ने संरक्षण में लिया। हालांकि, परिवार के किसी भी सदस्य ने उस बच्ची को अपनाने या साथ रखने से इनकार कर दिया।
मजबूरन पुलिस को बच्ची को अनाथ आश्रम भेजने की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी। पुलिस फिलहाल दोनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि फरारी के दौरान उनकी मदद करने वालों का पता लगाया जा सके। मामले की अगली सुनवाई 24 मई को तय की गई है।