गोहर।
मंडी जिले के गोहर उपमंडल में पीलिया का कहर बेकाबू होता जा रहा है। दूषित पानी से फैले इस संक्रमण ने अब एक मासूम जिंदगी छीन ली है। गोहर क्षेत्र की रहने वाली एक 19 वर्षीय नवविवाहिता ने चंडीगढ़ स्थित पीजीआई (PGI) में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इस मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतका पिछले कुछ दिनों से पीलिया से पीड़ित थी। स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद जब उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो उसे बेहतर इलाज के लिए चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया था।
वहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन संक्रमण लीवर तक बुरी तरह फैल चुका था, जिसके कारण उसे बचाया नहीं जा सका। मृतका की शादी को अभी कुछ ही समय हुआ था, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
गोहर और आसपास के क्षेत्रों में पीलिया के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि क्षेत्र के दर्जनों गांवों में लोग पीलिया की चपेट में हैं। नागरिक अस्पताल गोहर में रोजाना पीलिया के लक्षणों वाले मरीज पहुंच रहे हैं। नवविवाहिता की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी रोष और डर देखा जा रहा है।
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि जल शक्ति विभाग द्वारा सप्लाई किया जा रहा दूषित पानी ही इस बीमारी की मुख्य जड़ है। लोगों का कहना है कि पेयजल स्रोतों की समय पर सफाई नहीं की गई। पानी में ब्लीचिंग पाउडर और क्लोरीनीकरण की उचित व्यवस्था नहीं थी।प्रशासन ने तब कदम उठाए जब स्थिति हाथ से निकल गई।
स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र में अलर्ट जारी किया है और लोगों से अपील की है कि पानी को हमेशा उबालकर ही पिएं। बाहर के कटे हुए फल या दूषित खाने से बचें। बुखार, आंखों में पीलापन या भूख न लगने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच कराएं।