फोरलेन पर मौजूदा क्रेन संरचना के ऊपर बनेगा ग्लास बॉटम ब्रिज, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट से बढ़ेगा पर्यटन आकर्षण
जिला प्रशासन बिलासपुर ने पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से मंडी-भराड़ी में विभिन्न साहसिक पर्यटन सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग (फोरलेन) पर प्रस्तावित परियोजना में अत्याधुनिक स्काई वॉक और ग्लास बॉटम ब्रिज प्रमुख आकर्षण होंगे।
उपायुक्त राहुल कुमार ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मंडी-भराड़ी का दौरा कर प्रस्तावित परियोजना स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम बिलासपुर राज कुमार, जिला पर्यटन एवं विकास अधिकारी रजनीश शर्मा, तहसीलदार बाल कृष्ण, बीडीओ सदर सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
क्रेन संरचना के ऊपर बनेगा ग्लास ब्रिज
उपायुक्त ने बताया कि प्रस्तावित परियोजना के तहत मंडी-भराड़ी में मौजूद भारी-भरकम क्रेन संरचना के ऊपर पर्यटकों और पैदल यात्रियों के लिए आकर्षक स्काई वॉक ग्लास ब्रिज विकसित किया जाएगा।
क्रेन संरचना की सुरक्षा और तकनीकी उपयुक्तता की जांच एनआईटी हमीरपुर की विशेषज्ञ टीम से करवाई गई है। तकनीकी जांच के बाद संरचना को सुरक्षित और प्रस्तावित परियोजना के लिए उपयुक्त पाया गया है।
गोबिंद सागर के ऊपर 3 एस केबल कार की योजना
परियोजना के तहत गोबिंद सागर जलाशय के ऊपर आधुनिक 3 एस केबल कार विकसित करने का भी प्रस्ताव है। यह केबल कार राष्ट्रीय राजमार्ग के पुल और प्रस्तावित प्लेटफॉर्म के बीच पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।
इसके अलावा गोबिंद सागर जलाशय के आर-पार जिप लाइन और रिवर क्रॉसिंग जैसी साहसिक गतिविधियां विकसित करने की योजना है। क्रेन के ड्राइवर केबिन क्षेत्र में पर्यटकों के लिए फ्लोटिंग रेस्टोरेंट संचालित करने का भी प्रस्ताव है।
PPP मॉडल पर विकसित होगी परियोजना
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि इस परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी PPP मॉडल के तहत विकसित करने की योजना है। परियोजना को डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (DBFOT) आधार पर विकसित करने के लिए ई-निविदाएं और RFP आमंत्रित किए जा रहे हैं।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
राहुल कुमार ने कहा कि प्रस्तावित ग्लास ब्रिज और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट मंडी-भराड़ी में प्रमुख पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित हो सकते हैं। इससे गोबिंद सागर जलाशय में वाटर स्पोर्ट्स के लिए आने वाले पर्यटकों को नया अनुभव मिलेगा और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि ग्लास ब्रिज के माध्यम से पर्यटक जलाशय के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे, जबकि फ्लोटिंग रेस्टोरेंट अतिरिक्त आकर्षण के रूप में विकसित होगा।
उपायुक्त ने कहा कि बिलासपुर जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्रशासन का प्रयास है कि उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और पर्यटन गतिविधियों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर जिले को प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जाए।
मंडी-भराड़ी में प्रस्तावित परियोजना के साकार होने से स्थानीय लोगों के लिए आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ जिले में पर्यटकों की आवाजाही को भी बल मिलने की उम्मीद है।
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