मंडी।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 की भीषण आपदा के दौरान मानवता की सेवा और बेहतरीन प्रशासनिक कौशल दिखाने वाले अधिकारियों को 'सिविल सर्विस अवार्ड' देने की घोषणा की है।
इस वर्ष यह सम्मान मंडी जिला प्रशासन और एसडीएम (बल्ह) स्मृतिका नेगी को प्रदान किया जाएगा। आगामी 15 अप्रैल को किन्नौर में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इन्हें सम्मानित करेंगे।
वर्ष 2025 में मंडी जिला के सराज, गोहर, करसोग और धर्मपुर क्षेत्रों में कुदरत ने भारी तबाही मचाई थी। इस दौरान उपायुक्त (DC) अपूर्व देवगन के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम ने दिन-रात राहत कार्य चलाए।
सराज में जब संपर्क पूरी तरह कट गया था, तब एएसपी सागर चंद्र शर्मा कई किलोमीटर पैदल चलकर वहां पहुंचे थे। तहसीलदार रजत सेठी ने सराज में मोर्चा संभाला, जबकि उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने हवाई मार्ग से पहुंचकर पर्यटकों को रेस्क्यू करने और राहत सामग्री पहुंचाने के कार्यों की निगरानी की।
गोहर के स्यांज क्षेत्र में आपदा के समय एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी के पास अतिरिक्त कार्यभार था। उन्होंने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था संभाली, बल्कि मानवीय संवेदना की भी अनूठी मिसाल पेश की।
आपदा में अपने माता-पिता और दादी को खो चुकी मासूम नितिका को 'चाइल्ड ऑफ स्टेट' का दर्जा दिलाने में स्मृतिका नेगी की सबसे अहम भूमिका रही। उन्होंने स्वयं कागजी प्रक्रिया पूरी कर नितिका के खाते खुलवाए और उसे भविष्य के लिए सुरक्षित किया। आपदा के बीच मरीजों को घर तक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए उन्होंने अथक प्रयास किए।
मंडी जिला प्रशासन को यह सम्मान केवल आपदा प्रबंधन के लिए ही नहीं, बल्कि जनहित की अन्य योजनाओं के लिए भी मिल रहा है। प्रशासन द्वारा पंचायत स्तर पर शुरू की गई 'अपना पुस्तकालय' योजना की सरकार ने विशेष रूप से सराहना की है।
15 अप्रैल को हिमाचल दिवस पर उपायुक्त अपूर्व देवगन मंडी जिला प्रशासन की ओर से और स्मृतिका नेगी व्यक्तिगत तौर पर मुख्यमंत्री से यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त करेंगे।