हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश में संचालित निजी कोचिंग संस्थानों को व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश निजी कोचिंग केंद्र (पंजीकरण और विनियमन) नियम-2026 लागू किए हैं। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि इन नियमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानक आधारित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाना है।
उपायुक्त ने यह जानकारी जिला स्तरीय कमेटी के हितधारकों की बैठक के दौरान दी। उन्होंने बताया कि जिले में संचालित ऐसे सभी निजी कोचिंग संस्थान, जहां 50 या उससे अधिक विद्यार्थी कोचिंग प्राप्त कर रहे हैं, उनका निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा।
50 हजार रुपये होगा पंजीकरण शुल्क
हेमराज बैरवा ने बताया कि पंजीकरण के लिए सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा। निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले संस्थानों को नियमानुसार पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
पंजीकरण शुल्क 50 हजार रुपये निर्धारित किया गया है और इसकी वैधता तीन वर्ष होगी। इसके बाद 25 हजार रुपये शुल्क जमा करवाकर पंजीकरण का नवीनीकरण कराया जा सकेगा।
उपायुक्त ने कहा कि यदि किसी कोचिंग संस्थान में निर्धारित मानकों के अनुरूप कमी पाई जाती है तो उसे सुधार के लिए समय दिया जाएगा। तय अवधि में कमियां दूर नहीं करने पर पंजीकरण नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार संस्थान को बंद करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि ये नियम उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जिले का कोई भी पात्र निजी कोचिंग संस्थान पंजीकरण से वंचित न रहे।
फायर सेफ्टी और काउंसलिंग जरूरी
नए नियमों के तहत प्रत्येक कोचिंग संस्थान में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त स्थान, सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण, फायर सेफ्टी मानकों का पालन और आपातकालीन व्यवस्था सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा विद्यार्थियों में मानसिक तनाव से निपटने के लिए काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध करवाना भी जरूरी होगा। जिला प्रशासन इन प्रावधानों के अनुपालन की नियमित निगरानी करेगा।
हर तीन महीने में होगी समीक्षा
उपायुक्त ने बताया कि जिला स्तरीय समिति हर तिमाही बैठक आयोजित कर निजी कोचिंग संस्थानों में नियमों के अनुपालन की समीक्षा करेगी। नियमों का उल्लंघन या किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सभी निजी कोचिंग संस्थानों से समय पर पंजीकरण करवाने की अपील की गई है। पंजीकरण से संबंधित जानकारी और आवेदन के लिए संस्थान नोडल अधिकारी उच्च शिक्षा से संपर्क कर सकते हैं।
बैठक में पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा, उप निदेशक उच्च शिक्षा अजय संबयाल, नोडल अधिकारी उच्च शिक्षा सुधीर भाटिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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