शिमला।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता जगत प्रकाश नड्डा ने शिमला में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है.
नड्डा ने आरोप लगाया कि हालिया चुनावी परिणामों ने साफ कर दिया है कि प्रदेश की जनता का रुझान पूरी तरह भाजपा के पक्ष में है. उन्होंने कांग्रेस द्वारा केंद्र से मदद न मिलने के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे एक 'झूठा नैरेटिव' करार दिया.
नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल में हिमाचल के लिए विशेष स्थान है और केंद्र के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है.
"शिमला नहीं, दिल्ली से चल रही है सरकार"
प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर तंज कसते हुए नड्डा ने कहा कि हिमाचल में व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है. उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि स्थिति ऐसी हो गई है कि यहाँ “रिवॉल्वर लेने के लिए भी बंदूक का लाइसेंस मांगा जाता है”.
उन्होंने सरकार पर 'एडहॉक' (तदर्थ) नीति से चलने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अतिरिक्त प्रभार पर काम कर रहे हैं और सरकार का संचालन शिमला के बजाय दिल्ली से रिमोट कंट्रोल के जरिए हो रहा है.
ट्रेजरी से लेकर स्वास्थ्य तंत्र तक पर उठाए गंभीर सवाल
जेपी नड्डा ने कांग्रेस सरकार के कामकाज के तरीकों पर कई गंभीर आरोप लगाए:
व्हाट्सएप से ट्रेजरी संचालन: नड्डा ने दावा किया कि प्रदेश की ट्रेजरी व्हाट्सएप के माध्यम से संचालित हो रही है और मंत्रिमंडल के सदस्य आपस में ही लड़ रहे हैं.
विकास नहीं, 'कट मनी' लक्ष्य: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य अब विकास नहीं, बल्कि केवल “कट मनी और कमीशन” कमाना रह गया है.
स्वास्थ्य परियोजनाओं में सुस्ती: उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री अभिम (PM-ABHIM) के तहत स्वीकृत 15 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों में से केवल 1 पूरा हुआ है. इसके अलावा, 12 एकीकृत लैब्स में से सिर्फ 1 तैयार हुई है और 73 स्वीकृत ब्लॉक स्वास्थ्य इकाइयों में से एक भी शुरू नहीं हो सकी है.
यही नहीं, 15वें वित्त आयोग से मिली ₹521 करोड़ की स्वास्थ्य राशि में से आधी राशि खर्च ही नहीं की गई है.
आंकड़ों के साथ गिनाई केंद्र की ऐतिहासिक मदद
केंद्रीय मंत्री ने मीडिया के सामने वित्त वर्ष 2024-25 में केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल को दी गई वित्तीय मदद का पूरा ब्योरा पेश किया:
योजना / क्षेत्रआवंटित / स्वीकृत राशिविशेष सहायता योजना ₹2,381 करोड़ बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाएं ₹2,150 करोड़ राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) ₹2,006 करोड़ रेलवे क्षेत्र (रिकॉर्ड आवंटन) ₹2,911 करोड़ चार प्रमुख रेल परियोजनाएं ₹13,168 करोड़ स्वास्थ्य क्षेत्र (जाइका समर्थित)₹1,422 करोड़
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में ₹40,000 करोड़ से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) परियोजनाओं पर काम चल रहा है. साथ ही आईआईएम सिरमौर, एम्स बिलासपुर, स्मार्ट सिटी मिशन और रेणुका जी बांध जैसी बड़ी परियोजनाओं को भी केंद्र का पूरा सहयोग मिल रहा है.
वहीं, जब पत्रकारों ने उनसे हिमाचल की राजनीति में दोबारा वापसी को लेकर सवाल पूछा, तो नड्डा ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल केंद्र में हैं और केंद्र में ही रहकर अपनी सेवाएं देते रहेंगे.