कांगड़ा।
पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार को यातायात व्यवस्था पूरी तरह से घुटनों पर आ गई. मलां से नगरोटा बगवां, कछियारी से मटौर और कांगड़ा शहर सहित गगल की ओर जाने वाले मुख्य मार्गों पर घंटों लंबा जाम लगा रहा.
स्थिति इस कदर खराब रही कि कई जगह वाहन रेंग-रेंग कर चलने को मजबूर दिखे, तो कई स्थानों पर पहिए पूरी तरह से थम गए. इसके कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ और राहगीरों को भारी मानसिक व शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ी.
मैच के कारण बिगड़े हालात, पुलिस मैनेजमेंट फेल!
स्थानीय निवासियों का कहना है कि धर्मशाला में भारत-अफगानिस्तान क्रिकेट मैच के मद्देनजर इस मार्ग पर भीड़ और वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना पहले से ही थी. इसके बावजूद प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा कोई ठोस ट्रैफिक प्लान या मुस्तैदी लागू नहीं की गई.
नतीजतन, दोपहर होते-होते मुख्य सड़कों पर वाहनों की अंतहीन कतारें लग गईं. जाम का सबसे भयानक रूप कछियारी, मटौर, कांगड़ा बाजार और गगल मार्गों पर देखने को मिला. यात्रियों के मुताबिक, हालात इतने बदतर थे कि कछियारी से पुराना मटौर तक के महज 3 किलोमीटर के सफर को तय करने में लोगों को एक से डेढ़ घंटे का समय लग गया.
बाहरी चालकों की लापरवाही ने कोढ़ में खाज का काम किया
जाम को और अधिक गंभीर बनाने में बाहरी राज्यों से आए पर्यटकों और वाहन चालकों की घोर लापरवाही भी जिम्मेदार रही. कई चालकों ने ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए गलत लेन (Wrong Lane) में गाड़ियां घुसा दीं और कुछ ने बीच सड़क पर ही वाहन रोक दिए, जिससे आ रहे अन्य वाहनों का रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया और जाम बढ़ता चला गया.
सड़कों से नदारद दिखे पुलिस जवान, लोगों ने खुद संभाला मोर्चा
स्थानीय जनता ने आरोप लगाया कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन की पूर्व जानकारी होने के बाद भी संवेदनशील चौराहों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात नहीं किया गया था.
अधिकांश पुलिस कर्मी या तो नदारद थे या फिर मुख्य आयोजन स्थल (स्टेडियम) की ड्यूटी में व्यस्त थे. सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल इस कदर था कि कई जगह पुलिस की अनुपस्थिति में स्थानीय लोग और खुद वाहन चालक ही नीचे उतरकर ट्रैफिक खुलवाने और रास्ता बनाने की कोशिश करते नजर आए.
जनता की मांग: भविष्य के लिए बने 'विस्तृत ट्रैफिक प्लान'
परेशान जनता और स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि भविष्य में जब भी धर्मशाला में कोई बड़ा मैच या आयोजन हो, तो:
पहले से एक विस्तृत ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए.
हर प्रमुख चौराहे और लिंक रोड पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती हो.
बाहरी राज्यों के वाहनों के लिए शहर में प्रवेश से पहले ही अलग रूट डायवर्जन (Route Diversion) की व्यवस्था की जाए ताकि स्थानीय लोगों को बंधक न बनना पड़े.
मामले पर बात करते हुए कांगड़ा के थाना प्रभारी संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि धर्मशाला में मैच होने और साथ ही पर्यटन सीजन (Tourism Season) के चरम पर होने के कारण इस मार्ग पर अचानक गाड़ियों का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न हुई.
उन्होंने कहा कि जैसे ही पुलिस को इसकी सूचना मिली, तुरंत अतिरिक्त जवानों को मौके पर भेजकर यातायात को सुचारू करवाने के कदम उठाए गए.