मंडी।
भारतीय डाक विभाग ने अपनी वितरण व्यवस्था को आधुनिक तकनीक की नई उड़ान देते हुए हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में 'ड्रोन डाक सेवा' का शानदार शुभारंभ किया है। इस महत्वाकांक्षी पायलट प्रोजेक्ट के तहत, प्रधान डाकघर मंडी से द्रंग क्षेत्र की रेहड़धार शाखा तक पहली बार ड्रोन के माध्यम से सफलतापूर्वक डाक भेजी गई।
चौंकाने वाली बात यह है कि जिस दूरी को तय करने में सामान्यतः कई घंटे या पूरा एक दिन लग जाता था, उसे ड्रोन ने मात्र छह मिनट में पूरा कर दिखाया।
स्काई एयर कंपनी के सहयोग से उड़ान
डाक विभाग और स्काई एयर कंपनी के संयुक्त प्रयासों से शुक्रवार को इस सेवा की शुरुआत की गई। इस सफल ट्रायल के दौरान ड्रोन न केवल प्रधान डाकघर मंडी से रेहड़धार शाखा तक डाक लेकर गया, बल्कि वहां से दिनभर की डाक को वापस कलेक्ट कर मंडी भी लेकर आया।
मंडी के 10 दुर्गम क्षेत्रों में मिलेगी यह हाईटेक सुविधा
मंडी की डाकपाल नेहा संख्यान ने जानकारी दी कि देशभर में करीब 150 स्थानों पर स्काई एयर कंपनी के सहयोग से यह अत्याधुनिक सुविधा चलाई जा रही है। इसी कड़ी में, मंडी जिले के 10 चयनित स्थानों पर फिलहाल यह ड्रोन डाक सेवा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पहाड़ी और बेहद दुर्गम क्षेत्रों में डाक पहुंचाने तथा वापस लाने की प्रक्रिया सुपर-फास्ट और सुगम हो जाएगी।
10 किलो वजन उठाने में सक्षम हैं ये ड्रोन
स्काई एयर कंपनी के कर्मचारी सुभाष दुबे ने इस तकनीक की खासियतों को साझा करते हुए बताया कि:
डाक परिवहन में इस्तेमाल किया जा रहा यह ड्रोन 10 किलोग्राम तक का भारी वजन उठाने में पूरी तरह सक्षम है।
यह हवा के रास्ते (एरियल रूट) से 30 से 50 किलोमीटर तक की लंबी दूरी आसानी से तय कर सकता है।
वर्तमान में, कंपनी मंडी जिले के विभिन्न दुर्गम इलाकों में सेवाएं देने के लिए आठ ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। डाक विभाग का यह कदम हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जहां भूस्खलन, बर्फबारी या कठिन रास्तों के कारण समय पर डाक पहुंचाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है।