कुल्लू।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है. ढालपुर स्थित भुट्टी चौक में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण के दौरान दूध और पनीर के सैंपल भरे.
मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब में जब इन नमूनों की मौके पर ही प्रारंभिक जांच की गई, तो दूध के अधिकांश सैंपलों में डिटर्जेंट के अंश पाए गए. विभाग ने इसे बेहद गंभीर मामला मानते हुए संबंधित दूध विक्रेताओं को कड़ी फटकार लगाई और स्वच्छता व शुद्धता मानकों का पालन करने की सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया.
मोबाइल वैन में ऑन-द-स्पॉट हुई जांच, यूरिया-स्टार्च नहीं मिला
खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त अनिल शर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीम सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने भुट्टी चौक में यह चेकिंग अभियान चलाया था.
इस अभियान के दौरान टीम ने दूध के 15 नमूने और पनीर का 1 नमूना लिया. मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की प्रभारी एवं फूड एनालिस्ट दिव्या ठाकुर ने इन सैंपलों की मौके पर ही प्रारंभिक जांच की.
टेस्ट के दौरान दूध में यूरिया, स्टार्च और डिटर्जेंट की मिलावट को परखा गया. जांच रिपोर्ट में राहत की बात यह रही कि दूध में यूरिया और स्टार्च की मिलावट नहीं थी, लेकिन डिटर्जेंट के अंश मिलने से विभाग के कान खड़े हो गए.
इस वजह से दर्ज नहीं हुआ मुकदमा, मिला सुधार का आखिरी मौका
आमतौर पर मिलावट पाए जाने पर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है, लेकिन विभाग ने इस बार विक्रेताओं को सुधरने का एक मौका दिया है. सहायक आयुक्त अनिल शर्मा के अनुसार:
इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य फिलहाल विक्रेताओं के बीच जागरूकता पैदा करना और उन पर निगरानी रखना था.
इसीलिए तुरंत मुकदमा दर्ज करने या सख्त कानूनी फंदे में कसने के बजाय, विक्रेताओं को चेतावनी देकर सुधार करने का अवसर प्रदान किया गया है.
विभाग ने सभी दूध और डेयरी उत्पाद विक्रेताओं को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे स्वच्छता और शुद्धता के मानकों का कड़ाई से पालन करें. यदि भविष्य में दोबारा किए जाने वाले निरीक्षणों या लैबोरेट्री टेस्ट में किसी भी तरह की लापरवाही या मिलावट पाई गई, तो बिना कोई ढील दिए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.