मंडी। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा के हृदय रोग विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण मेडिकल कॉलेज का महत्वपूर्ण कार्डियोलॉजी विभाग लगभग ठप हो गया है, जिससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी से जारी बयान में जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की बड़ी आबादी के हृदय रोगियों को उपचार उपलब्ध कराने वाला यह विभाग डॉक्टरों की कमी के कारण प्रभावी रूप से बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सरकार पहले सुविधाएं समाप्त करती है, फिर डॉक्टरों के तबादले कर संस्थानों को कमजोर बनाती है और अंततः विभाग अपने आप निष्क्रिय हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों में समय पर उपचार जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित हो सकता है। ऐसे में टांडा मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष को स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक का विशेष कार्याधिकारी नियुक्त किए जाने से विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी और बढ़ गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस नियुक्ति में भी नियमों और प्रोटोकॉल की अनदेखी की गई।
जयराम ठाकुर ने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज प्रदेशभर के मरीजों के लिए बेहतर और अपेक्षाकृत सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र रहा है। लेकिन एक डॉक्टर के मेडिकल अवकाश, दूसरे के विदेशी फैलोशिप और तीसरे की अन्य नियुक्ति के चलते विभाग में विशेषज्ञ सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। ऐसे में मरीजों को मजबूरन महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ सकता है।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं को कमजोर कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को ही निष्प्रभावी बना दिया जाएगा तो आम लोगों को सस्ता और गुणवत्तापूर्ण इलाज कैसे मिलेगा।
उन्होंने हिम केयर योजना का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने इस योजना को भी प्रभावहीन बना दिया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि योजना में लगातार किए गए बदलावों और नई शर्तों के कारण मरीजों को मिलने वाले लाभ सीमित हो गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि पंजीकरण शुल्क, बेड शुल्क, चिकित्सकीय फीस, जांचों और अन्य चिकित्सा खर्चों को क्लेम से बाहर करने जैसे निर्णयों से योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि पहले हिम केयर योजना को कमजोर किया गया और अब मेडिकल कॉलेजों के महत्वपूर्ण विभागों को निशाना बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े निर्णय जनता के हित को ध्यान में रखकर लिए जाने चाहिए और लोगों की जान से जुड़े मामलों में राजनीति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए।
सराज के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने की शिष्टाचार भेंट
मंगलवार को सराज विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। ग्राम पंचायत चिऊणी, ख़बलेच, थाची, खोलनाल, कशौड एवं कुकलाह के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात कर क्षेत्रीय विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
इस अवसर पर जयराम ठाकुर ने सभी नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के विश्वास पर खरा उतरना भी उनका दायित्व है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी प्रतिनिधि पारदर्शिता, समर्पण और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करते हुए अपने क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।