काज़ा
भारत सरकार के महत्वाकांक्षी 'विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम' के अंतर्गत 'माय भारत' (MY Bharat) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम के तहत मंगलवार को उत्तर प्रदेश और बिहार से आए 25 युवा प्रतिभागियों के एक दल ने लाहौल-स्पीति जिले की प्रसिद्ध स्पीति घाटी के विभिन्न ऐतिहासिक और रमणीय पर्यटन स्थलों का व्यापक भ्रमण किया। इस यात्रा का उद्देश्य देश के युवाओं को सीमावर्ती क्षेत्रों की अनूठी संस्कृति, इतिहास और भौगोलिक परिवेश से रूबरू करवाना है।
हिक्किम डाकघर से प्रधानमंत्री और गणमान्य हस्तियों को लिखे पत्र
जिला युवा अधिकारी कुल्लू एवं अतिरिक्त प्रभार लाहौल-स्पीति प्रतिभा शर्मा और प्रदीप कुमार ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि भ्रमण कार्यक्रम के तहत प्रतिभागियों को सबसे पहले खूबसूरत और ऐतिहासिक लंगजा गांव ले जाया गया।
इसके बाद दल ने हिक्किम मॉनेस्ट्री और वहां स्थित प्राचीन म्यूज़ियम का दीदार किया। इस यात्रा का मुख्य आकर्षण विश्व का सबसे ऊंचा डाकघर 'हिक्किम' रहा, जहां पहुंचकर सभी प्रतिभागी बेहद उत्साहित नजर आए। युवाओं ने इस ऐतिहासिक डाकघर से अपने परिजनों के साथ-साथ माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के अन्य गणमान्यों को पत्र लिखकर पोस्ट किए।
कीह मॉनेस्ट्री की भव्यता और चीचम ब्रिज के रोमांच के साक्षी बने युवा
हिक्किम का दौरा करने के बाद सभी प्रतिभागियों को बौद्ध संस्कृति के प्रमुख केंद्र 'कीह मॉनेस्ट्री' ले जाया गया, जहां उन्होंने स्पीति घाटी के समृद्ध इतिहास और धार्मिक महत्व को समझा।
यात्रा के अंतिम चरण में युवाओं को एशिया के सबसे ऊंचे पुलों में शुमार मशहूर 'चीचम ब्रिज' का भ्रमण कराया गया। इस अविस्मरणीय और साहसिक यात्रा के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने इस सुनहरे अवसर के लिए 'माय भारत' तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की इस अनूठी पहल का सहदिल से आभार व्यक्त किया।