शिमला।
हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य सुरक्षा योजना हिम केयर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि इंटरनल ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनमें पुरुषों के नाम पर बच्चेदानी (यूटरस) के ऑपरेशन तक दर्ज किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ही करीब 100 से 110 करोड़ रुपए के घोटाले के संकेत मिले हैं। यह गड़बड़ी मुख्य रूप से Dr. Rajendra Prasad Government Medical College Tanda और Indira Gandhi Medical College (IGMC) में सामने आई है, जहां अकेले इन दो संस्थानों में ही करीब 110 करोड़ रुपए की संदिग्ध एंट्रियां दर्ज पाई गई हैं।
सीएम सुक्खू ने यह भी बड़ा खुलासा किया कि जांच में यह सामने आया है कि कई मरीजों को एक्सपायरी आई लेंस तक लगा दिए गए, जो स्वास्थ्य व्यवस्था में गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
सीएम सुक्खू ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है क्योंकि यह सीधे तौर पर आम लोगों के स्वास्थ्य और भरोसे से जुड़ा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक केवल सरकारी मेडिकल कॉलेजों की ही जांच हुई है, जबकि अन्य सरकारी अस्पतालों और निजी अस्पतालों में हुए भुगतान और इलाज की जांच अभी बाकी है, जिससे घोटाले का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है।
सरकार ने मामले की जांच के लिए विजिलेंस को जिम्मेदारी सौंप दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि फिलहाल हिम केयर योजना को बंद करने का कोई विचार नहीं है, लेकिन इसमें किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस पूरे मामले ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में और क्या-क्या खुलासे सामने आते हैं।