शिमला।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस के खिलाफ अपनी वैचारिक लड़ाई को धार देने के लिए एक नए अभियान का बिगुल फूंक दिया है। राजधानी शिमला में यूथ कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता शुभ्रा जिंटा ने 'संविधान लीडरशिप प्रोग्राम' (Samvidhan Leadership Program) को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को संवैधानिक मूल्यों से जोड़ना और संगठन के भीतर की दरारों को भरना है।
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता डिजिटल लीडरशिप पर जोर देना है। शुभ्रा जिंटा ने बताया कि पार्टी अब सोशल मीडिया और डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स के साथ सीधा संवाद स्थापित करेगी।
जरूरी नहीं कि इन्फ्लुएंसर्स संगठन के औपचारिक सदस्य बनें, लेकिन उनके माध्यम से कांग्रेस अपनी विचारधारा को आम जनता और युवाओं तक पहुँचाएगी। हर जिला और ब्लॉक स्तर पर फॉर्म भरे जाएंगे और प्रभावशाली युवाओं की एक सूची तैयार की जाएगी। चयनित युवाओं और इन्फ्लुएंसर्स को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक न्याय की बात मजबूती से रख सकें।
संगठन में गुटबाजी और आपसी मतभेदों के सवाल पर शुभ्रा जिंटा ने बड़ी स्पष्टवादिता से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कांग्रेस एक बहुत बड़ा परिवार है। जब परिवार बड़ा होता है, तो कुछ कमियां और दरारें आना स्वाभाविक है।
हम पिछड़े नहीं हैं, बल्कि इन कमियों से हमें सीखने को मिलता है। अब यूथ कांग्रेस और NSUI इन दरारों को भरने और संगठन को दोबारा मजबूती देने का काम कर रहे हैं।"
अभियान को धरातल पर उतारने के लिए पार्टी ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है युवाओं को जोड़ने के लिए छोटी बैठकें और नुक्कड़ सभाएं आयोजित की जाएंगी। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि पार्टी हर तरह की रचनात्मक आलोचना (Criticism) स्वीकार करने को तैयार है।सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना और देश के संविधान की रक्षा के लिए युवाओं को एक साझा मंच पर लाना।
संविधान लीडरशिप प्रोग्राम' के माध्यम से कांग्रेस न केवल अपनी विचारधारा का विस्तार करना चाहती है, बल्कि आगामी चुनावों से पहले युवाओं की एक नई और प्रभावशाली फौज खड़ी करने की तैयारी में है। शुभ्रा जिंटा का 'बड़ा परिवार' वाला बयान संगठन के भीतर असंतुष्टों को एकजुट करने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।