शिमला।
उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में बढ़ती तपिश और भीषण गर्मी ने सैलानियों को पहाड़ों की ओर रुख करने पर मजबूर कर दिया है। बुद्ध पूर्णिमा की छुट्टी और वीकेंड के 'लॉन्ग वीकेंड' के कारण हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों—शिमला, मनाली, धर्मशाला और कसौली—में पर्यटकों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है।
आलम यह है कि प्रदेश के होटलों में ऑक्यूपेंसी दर 60 से 100 फीसदी तक पहुंच गई है, जिससे राज्य का पर्यटन कारोबार एक बार फिर पूरी रफ्तार से दौड़ने लगा है।
होटल ऑक्यूपेंसी के आंकड़ों पर गौर करें तो सोलन जिले की शांत वादियों वाली नगरी कसौली इस समय पूरी तरह 'पैक' है, जहाँ 100 फीसदी कमरे बुक हो चुके हैं। वहीं, धर्मशाला और मैकलोडगंज में 90 फीसदी, कुल्लू-मनाली में 80 फीसदी और राजधानी शिमला में 60 फीसदी से अधिक ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई है।
मनाली में बीते दो दिनों के भीतर करीब 5,500 पर्यटक वाहनों की एंट्री हुई है, जबकि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से आने वाले सैलानियों की कतारें अभी भी जारी हैं।
जहाँ एक ओर इस भीड़ से पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन के लिए व्यवस्थाएं संभालना एक बड़ी चुनौती बन गया है। पर्यटन स्थलों पर भारी ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या पैदा हो रही है।
प्रशासन ने पर्यटकों से यातायात नियमों का पालन करने और पहाड़ों की स्वच्छता बनाए रखने की सख्त अपील की है। विशेषकर मनाली जैसे क्षेत्रों में खुले में कचरा फेंकने और हुड़दंगबाजी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस और स्थानीय प्रशासन अब अधिक सतर्कता बरत रहा है।