शिमला
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में हुए भीषण क्रूज हादसे से सबक लेते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी जलाशयों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया है।
सरकार ने पर्यटन और जल क्रीड़ा (Water Sports) गतिविधियों के लिए नए और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनहोनी को टाला जा सके। बिलासपुर के उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष ने विशेष रूप से गोविंद सागर झील और कोल डैम जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए कड़े आदेश जारी किए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की कोताही बरतने वाले ऑपरेटरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नए नियमों के तहत अब प्रत्येक पर्यटक के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा और बिना जैकेट के किसी को भी नाव या क्रूज पर सवार होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसके साथ ही, नावों की तय क्षमता का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा और हर ऑपरेटर को अपने वाहन की वहन क्षमता का विवरण बोर्ड पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा ताकि ओवरलोडिंग को पूरी तरह रोका जा सके।
सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने के लिए प्रशासन ने सभी नावों, मोटर बोट और सुरक्षा उपकरणों की नियमित तकनीकी जांच का निर्णय लिया है। खराब स्थिति वाले या पुराने उपकरणों को तुरंत संचालन से बाहर कर दिया जाएगा।
साथ ही, प्रत्येक नाव में प्राथमिक उपचार किट (First Aid Kit), सुरक्षा रस्सियाँ और लाइफ ब्वॉय होना अनिवार्य कर दिया गया है। जबलपुर हादसे के मुख्य कारणों में से एक 'खराब मौसम' को देखते हुए अब निर्देश दिए गए हैं कि तेज हवाओं या बारिश की चेतावनी मिलते ही सभी जल गतिविधियां तुरंत रोक दी जाएंगी।
हिमाचल पर्यटन विभाग ने ऑपरेटरों के साथ-साथ पर्यटकों से भी सहयोग और सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पर्यटक केवल पंजीकृत और लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटरों के पास ही जल क्रीड़ा का आनंद लें और यात्रा शुरू करने से पहले दी जाने वाली सुरक्षा ब्रीफिंग पर पूरा ध्यान दें।
प्रशासन का लक्ष्य इन कड़े नियमों के माध्यम से राज्य के जलाशयों को सुरक्षित बनाना है, जिससे यहाँ आने वाले पर्यटक बिना किसी भय के प्राकृतिक सौंदर्य और रोमांच का अनुभव कर सकें।