सोलन नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 7 इस बार सबसे चर्चित वार्डों में शामिल होता जा रहा है। यहां निर्दलीय उम्मीदवार मनोज रघुवंशी ने अपने चुनाव प्रचार को तेज कर दिया है। डोर-टू-डोर जनसंपर्क अभियान के दौरान उन्हें स्थानीय लोगों, खासकर युवाओं का अच्छा समर्थन मिलता नजर आ रहा है, जिससे चुनावी मुकाबला दिलचस्प बन गया है।
वार्ड में इस समय बदलाव की चर्चा सबसे अधिक हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से एक ही परिवार के लोगों को नेतृत्व मिलता रहा है, लेकिन इस बार मतदाता नए चेहरे को मौका देने के मूड में दिखाई दे रहे हैं। समाजसेवी छवि के चलते मनोज रघुवंशी युवाओं के बीच तेजी से अपनी पकड़ मजबूत करते दिख रहे हैं, और कई युवा खुलकर उनके समर्थन में सामने आ रहे हैं।
अपने प्रचार अभियान के दौरान मनोज रघुवंशी वार्ड की मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से उठा रहे हैं। वह लोगों से सीधे संवाद कर सड़क, सफाई, पेयजल और लंबे समय से लंबित विकास कार्यों पर चर्चा कर रहे हैं। यही वजह है कि उनका अभियान धीरे-धीरे जनसमर्थन में तब्दील होता नजर आ रहा है।
दूसरी ओर, भाजपा ने वार्ड नंबर 7 से अशोक ठाकुर को उम्मीदवार बनाया है। हालांकि टिकट वितरण के बाद पार्टी के भीतर असंतोष की चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ पुराने कार्यकर्ता और दावेदार पहले ही नाराजगी जता चुके हैं।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि टिकट कटने से नाराज कुछ समर्थक अब अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे भाजपा की स्थिति पहले जैसी मजबूत नहीं दिख रही।
निवर्तमान पार्षद पूजा के कार्यकाल को लेकर भी लोगों में नाराजगी सामने आ रही है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति धीमी रही। खासकर कारगिल मोहल्ला में लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की सक्रियता केवल चुनावी समय में ही नजर आती है, जबकि बीते वर्षों में समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हो पाया।
कुल मिलाकर, वार्ड नंबर 7 में इस बार चुनाव केवल राजनीतिक दलों के बीच नहीं, बल्कि जनभावनाओं और बदलाव की मांग के बीच भी लड़ा जा रहा है। युवाओं की बढ़ती भागीदारी और स्थानीय मुद्दों के कारण मुकाबला लगातार रोचक होता जा रहा है। आने वाले दिनों में प्रचार के तेज होने के साथ चुनावी समीकरणों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।