मंडी।
हिमाचल प्रदेश के मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग-154 पर सड़क निर्माण में बड़ी धांधली का मामला सामने आया है। यहां गवाली से घटासनी के बीच लगभग 11 किलोमीटर सड़क के अपग्रेडेशन कार्य के दौरान निर्माणाधीन कंपनी ने गुणवत्ता के मानकों को ताक पर रखकर भारी बारिश के बीच ही टारिंग (कोलतार बिछाने) का काम कर दिया।
इस लापरवाही का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है और निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
धूप के बजाय बारिश में टारिंग, मानकों की अनदेखी
सड़क निर्माण के वैज्ञानिक मानकों के अनुसार, कोलतार बिछाने का कार्य केवल खिली धूप और सूखे मौसम में ही किया जाना चाहिए। सूरज ढलने के बाद भी टारिंग की मनाही होती है, लेकिन यहां कंपनी ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए मूसलाधार बारिश के बीच ही सड़क पर कोलतार बिछाकर 'खानापूर्ति' कर दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन सप्ताह तक मौसम बिल्कुल साफ था, लेकिन तब कंपनी ने काम नहीं किया और अब जब बारिश हो रही है, तो बजट ठिकाने लगाने के लिए आनन-फानन में घटिया काम किया जा रहा है।
रात के अंधेरे में कंक्रीट का खेल और जनता का गुस्सा
स्थानीय ग्रामीणों—रमेश चौहान, प्रभाव सिंह, आरजे रवि और अन्य—ने आरोप लगाया कि कंपनी कोटरोपी और कसयाण नाला के पास कलवर्ट (पुलिया) का निर्माण दिन के बजाय रात के अंधेरे में कर रही है।
रात में कंक्रीट डालने के कारण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी नहीं हो पा रही है। लोगों का कहना है कि मौके पर न तो एनएचएआई (NHAI) का कोई अधिकारी मौजूद रहता है और न ही विभाग का कोई तकनीकी कर्मचारी, जिससे ठेकेदार को मनमानी करने की खुली छूट मिली हुई है।
प्रशासन से शिकायत, जांच का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने एसडीएम पद्धर को औपचारिक शिकायत सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस घटिया निर्माण को तुरंत नहीं रोका गया और संबंधित कंपनी पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे चक्का जाम और धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।
इस संबंध में एसडीएम सुरजीत सिंह ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। यदि मानकों की अनदेखी पाई गई, तो निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी