शिमला
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में इन दिनों अंदरूनी कलह और जुबानी जंग चरम पर पहुँच गई है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के एक होलिया बयान ने राज्य के सियासी पारे को अचानक बहुत ज्यादा गर्म कर दिया है।
रविवार शाम को मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिए बिना कहा था कि "नशेड़ी लोग कोई मसला नहीं हैं"। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, मुख्यमंत्री का यह सीधा निशाना कृषि मंत्री चंद्र कुमार के बेटे और पूर्व विधायक नीरज भारती पर था, जिन्होंने पिछले दिनों सोशल मीडिया पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की अनदेखी को लेकर सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा
खोल रखा था। गौरतलब है कि इस विवाद के बीच नीरज भारती ने हिमाचल कांग्रेस के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद पार्टी ने उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है और सरकार ने उनका सोशल मीडिया अकाउंट भी बंद करवा दिया है।
नीरज भारती का तीखा पलटवार, डोप टेस्ट की दी चुनौती
मुख्यमंत्री के 'नशेड़ी' वाले तंज पर पूर्व सीपीएस (CPS) नीरज भारती ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए तीखा पलटवार किया है। उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री सुक्खू पर ही कई तरह के नशों में संलिप्त होने के गंभीर आरोप मढ़ दिए।
भारती ने मुख्यमंत्री को खुला चैलेंज देते हुए कहा कि वे अपना 'डोप टेस्ट' (Dope Test) करवाएं। उन्होंने यहाँ तक दावा किया कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने अतीत में कई बार उनके साथ बैठकर शराब पी है। भारती ने कहा कि वह खुद अब यह सब कुछ छोड़ चुके हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री को भी इन आदतों को त्यागने की नसीहत दे डाली।
मंत्री विक्रमादित्य सिंह की 'रहस्यमयी' पोस्ट से मचा बवाल
सुक्खू और नीरज भारती के इस सीधे टकराव के बीच, लोक निर्माण विभाग (PWD) के कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने जलती आग में घी डालने का काम किया है।
विक्रमादित्य सिंह ने अपनी फेसबुक पोस्ट पर लिखा— जीवन का यह शाश्वत सत्य है कि दूसरों के लिए गड्ढा खोदने वाले अक्सर खुद उसमें गिर जाते हैं। इसलिए नफरत और द्वेष से दूर रहकर, सकारात्मक सोच अपनाएं और निस्वार्थ भाव से सबकी मदद करें।
हमारी अच्छाई ही हमारा सबसे बड़ा कवच है। मंत्री की इस रहस्यमयी और इशारों-इशारों में लिखी गई पोस्ट के बाद हिमाचल कांग्रेस के भीतर मचे घमासान और गुटबाजी को लेकर कई तरह के कयास तेज हो गए हैं।