चार साल पुराने भर्ती घोटाले में हर दिन सुनवाई की तैयारी, 88 आरोपियों के खिलाफ पहले ही दाखिल हो चुकी है चार्जशीट
हिमाचल प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले में अब कानूनी कार्रवाई तेज होने जा रही है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से जल्द शुरू कराने की तैयारी कर रही है। इससे करीब चार वर्ष पुराने इस चर्चित भर्ती घोटाले में आरोपितों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
सीबीआई का उद्देश्य मामले की सुनवाई में तेजी लाकर जल्द न्यायिक निष्कर्ष तक पहुंचना है। इसके लिए दैनिक (डे-टू-डे) सुनवाई की भी तैयारी की जा रही है।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े जिन मामलों की जांच पूरी हो चुकी है तथा जिनमें आरोपपत्र अदालत में दाखिल किए जा चुके हैं, उन्हें विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों में सुनवाई के लिए प्राथमिकता दी जा रही है।
हिमाचल पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक मामला भी इसी श्रेणी में शामिल है। सीबीआई इस मामले की जांच पूरी कर 88 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पहले ही दाखिल कर चुकी है।
नए कानून के बाद तेज होगी कार्रवाई
केंद्र सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक पर अंकुश लगाने के लिए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन अधिनियम, 2026 लागू किया है।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून पूरे देश में प्रभावी हो चुका है। इसका उद्देश्य परीक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करना और विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के माध्यम से सुनवाई को गति देना है।
3 से 5 लाख रुपये में बेचा गया था पेपर
सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार बिहार के दो लोगों ने प्रश्नपत्र चुराकर बिचौलियों के माध्यम से अभ्यर्थियों को 3 से 5 लाख रुपये में बेचा था।
जांच में करीब 1.25 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन का भी खुलासा हुआ था।
मामले की प्रमुख समयरेखा
27 मार्च 2022: 81 परीक्षा केंद्रों पर कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा आयोजित हुई।
5 अप्रैल 2022: लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ।
5 मई 2022: कांगड़ा पुलिस ने संदेह के आधार पर कुछ अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया।
6 मई 2022: तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने परीक्षा रद्द कर एसआईटी का गठन किया।
17 मई 2022: मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया गया।
30 नवंबर 2022: सीबीआई ने गगल (कांगड़ा) और सीआईडी थाना भराड़ी (शिमला) के मामलों के आधार पर दो एफआईआर दर्ज कीं।
31 जनवरी 2023: सीबीआई ने सात राज्यों में 50 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।
11 मार्च 2024: शिमला की विशेष अदालत में 88 आरोपियों के खिलाफ दो चार्जशीट दाखिल की गईं।
अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई शुरू होने के बाद इस बहुचर्चित भर्ती घोटाले में कानूनी प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
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