शिमला।
हिमाचल प्रदेश में पशुपालन विभाग के तहत 'पशु मित्र' (मल्टी टास्क वर्कर) की भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सुक्खू सरकार ने भर्ती के विवादित शारीरिक परीक्षण (Physical Test) नियमों में संशोधन कर दिया है। अब अभ्यर्थियों को 25 किलो की बोरी उठाकर 100 मीटर की दौड़ नहीं लगानी होगी।
क्यों बदला गया नियम?
हाल ही में सोशल मीडिया पर पशु मित्र भर्ती के कई वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें महिला अभ्यर्थियों को भारी बोरी उठाकर दौड़ते हुए और गिरते हुए देखा गया था। इस प्रक्रिया की चौतरफा आलोचना और अभ्यर्थियों के विरोध के बाद विभाग ने नियमों में ढील देने का निर्णय लिया है।
अब क्या होंगे नए नियम?
पशुपालन विभाग द्वारा जारी संशोधित निर्देशों के अनुसार, अब शारीरिक दक्षता परीक्षा के मानक इस प्रकार होंगे।
पुरुष अभ्यर्थी: इन्हें अब 30 मिनट में 5 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होगी।
महिला अभ्यर्थी: महिलाओं के लिए 10 मिनट में 1500 मीटर की दौड़ का लक्ष्य रखा गया है।
पुराने अभ्यर्थियों को राहत: जिन अभ्यर्थियों ने पिछली व्यवस्था (बोरी उठाकर दौड़ने वाली) के तहत पहले ही फिजिकल टेस्ट पास कर लिया है, उन्हें दोबारा यह परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी।
भर्ती से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बातें
चयनित पशु मित्रों को प्रतिदिन 4 घंटे कार्य करने के बदले ₹5,000 प्रति माह का मानदेय मिलेगा। इसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास रखी गई है। ग्राम पंचायत के स्थानीय निवासियों और उन परिवारों को अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे जिनके पास भारत पशुधन पोर्टल पर पंजीकृत पशुधन है।
सरकार ने आवेदन के लिए पशुधन पंजीकरण की कट-ऑफ तिथि में भी बदलाव किया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र युवाओं को मौका मिल सके।
पशु मित्र नीति-2025 का उद्देश्य
इस नीति के माध्यम से सरकार का लक्ष्य ग्रामीण स्तर पर पशुपालन सेवाओं को घर-द्वार तक पहुँचाना और स्थानीय युवाओं को अंशकालिक रोजगार प्रदान करना है। प्रदेश भर में लगभग 1,000 पदों पर यह भर्ती की जा रही है।