शिमला।
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट बदली है। सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राजधानी शिमला सहित मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में सुबह से ही घने बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार, आज (15 मार्च) को प्रदेश के निम्नलिखित जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से अंधड़ चलने की संभावना है। शिमला , मंडी , कुल्लू
इन जिलों में विभाग ने 'ऑरेंज अलर्ट' के तहत लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है। इसके अलावा कांगड़ा, चंबा, सोलन, सिरमौर, हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
20 मार्च तक राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग के निदेशक के अनुसार, प्रदेश में मौसम अगले पांच दिनों तक यानी 20 मार्च तक खराब रहने का अनुमान है। 18 मार्च को एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे पहाड़ों पर बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश का दौर फिर से तेज हो सकता है।
तापमान में गिरावट और किसानों की चिंता
मौसम में आए इस बदलाव के कारण न्यूनतम तापमान में 2°C से 4°C तक की कमी आई है। हालांकि इस बारिश से गर्मी से राहत मिली है, लेकिन ओलावृष्टि की चेतावनी ने बागवानों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। गुठलीदार फलों (जैसे प्लम, आड़ू) और सेब के फूलों के लिए ओलावृष्टि काफी नुकसानदेह साबित हो सकती है।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एडवाइजरी
भूस्खलन और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए नदी-नालों और संवेदनशील इलाकों से दूर रहें। आंधी-तूफान के दौरान बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे शरण न लें। ऊपरी शिमला और कुल्लू-मनाली की ओर जाने वाले पर्यटक स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन करें।