शिमला I
महिला आरक्षण बिल को लेकर हिमाचल प्रदेश में सियासत गरमा गई है। हिमाचल महिला कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार पर महिलाओं को ठगने का आरोप लगाते हुए एक बड़ा आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। महिला कांग्रेस की रणनीति के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 10 लाख पोस्टकार्ड भेजकर मौजूदा लोकसभा सीटों के आधार पर तुरंत आरक्षण लागू करने की मांग की जाएगी।
शिमला में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए हिमाचल महिला कांग्रेस की अध्यक्ष जैनब चंदेल ने केंद्र सरकार की मंशा पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने महिला आरक्षण बिल पास करने का नाटक तो किया, लेकिन इसे जनगणना और परिसीमन की पेचीदगियों में फंसाकर भविष्य के लिए लटका दिया है।
जैनब चंदेल ने कहा, "यह महिलाओं के साथ सीधा धोखा है। अगर सरकार वास्तव में महिला हितैषी है, तो इसे 2029 या उसके बाद के लिए क्यों टाला जा रहा है? हमारी मांग है कि मौजूदा 543 लोकसभा सीटों के आधार पर ही 33 फीसदी आरक्षण को तुरंत प्रभावी बनाया जाए।"
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन जब हक देने की बारी आई तो बिल को 'ठंडे बस्ते' में डाल दिया गया।
उन्होंने इसके मुख्य बिंदु साझा किए भाजपा नहीं चाहती कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़े। कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को सशक्त बनाया है। पंचायती राज संस्थाओं में 33% आरक्षण कांग्रेस की देन है, जिसे बाद में बढ़ाकर 50% किया गया। अगर सरकार की नीयत साफ है, तो इसी चुनाव से महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
महिला कांग्रेस ने घोषणा की है कि वे पूरे प्रदेश और देश स्तर पर महिलाओं को लामबंद करेंगी। 10 लाख पोस्टकार्ड के माध्यम से प्रधानमंत्री को यह संदेश भेजा जाएगा कि देश की महिलाएं अब "चुनावी जुमलों" में नहीं आने वाली हैं और अपना हक अभी चाहती हैं।बीजेपी केवल महिलाओं के वोट चाहती है,
उन्हें प्रतिनिधित्व नहीं देना चाहती। परिसीमन का बहाना बनाकर इस बिल को वर्षों तक टालना भाजपा की महिला विरोधी सोच को दर्शाता है।