शिमला।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 प्रस्तुत किया। इस सर्वेक्षण के आंकड़े राज्य की मजबूत होती अर्थव्यवस्था और विकास की नई दिशा को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री ने इसे 'व्यवस्था परिवर्तन' का सुखद परिणाम बताया है।
वित्त वर्ष 2025-26 में हिमाचल का कुल आर्थिक उत्पादन (GSDP) लगभग 2.54 लाख करोड़ रहने का अनुमान है। पिछले वर्ष के मुकाबले इसमें 10.1% की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है।
स्थिर मूल्यों पर यह वृद्धि दर 8.3% रहने का अनुमान है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2.83 लाख रुपये पहुँच गई है, जो राज्य के नागरिकों की आर्थिक समृद्धि का संकेत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बावजूद राज्य ने यह मुकाम हासिल किया है।
यदि राज्य की राजस्व घाटा अनुदान (RDG) सहायता बंद न होती, तो प्रदेश विकास की दौड़ में और अधिक तेजी से आगे बढ़ता। यह हमारी सरकार की नीतियों और व्यवस्था परिवर्तन का ही असर है कि आज आर्थिकी पटरी पर है। — सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री
आर्थिक आंकड़ों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने सदन में विपक्ष (भाजपा) पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा का काम केवल विरोध करना और राजनीति करना रह गया है। कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभालते ही नशा तस्करी के खिलाफ सबसे मजबूत कानून बनाया, जबकि भाजपा अपने 5 साल के कार्यकाल में सोई रही।
सरकार ने न केवल तस्करों को पकड़ा, बल्कि उन पुलिसकर्मियों पर भी सख्त गाज गिराई जो इस अवैध धंधे में शामिल थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 'चिट्टे' के खिलाफ सरकार की मुहिम जीरो टॉलरेंस की नीति पर जारी रहेगी।